हिमाचली खबर: घर की बगिया या गमले में टमाटर का पौधा तो हम सब लगाते हैं, लेकिन कई बार उसमें फूल कम आते हैं या फिर फूल आने के बाद भी टमाटर नहीं उगते। ऐसे में टमाटर के पौधे को उपजाऊ बनाने के लिए लोग बाजार से महंगी खाद का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो अब पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है। आपकी रसोई में मौजूद केले का छिलका टमाटर के पौधों के लिए एक जादुई टॉनिक की तरह काम कर सकता है। चलिए जानते हैं टमाटर के पौधे में केले का छिलका डालने से क्या होता है।

केले का छिलका क्यों है खास?
टमाटर के पौधे को अच्छी ग्रोथ और भारी मात्रा में फल देने के लिए पोटेशियम, फास्फोरस और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। केले के छिलके में पोटेशियम कूटकूट कर भरा होता है। यह पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और फूलों को झड़ने से रोककर उन्हें बड़े, रसीले टमाटरों में बदलने में मदद करता है। केले के छिलके में मौजूद मैग्नीशियम और कैल्शियम पौधे की जड़ों को मजबूत करते हैं, जिससे पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है।
इस्तेमाल करने का तरीका
सीधे मिट्टी में दबाएं
केले के छिलकों को छोटेछोटे टुकड़ों में काट लें। टमाटर के पौधे की जड़ से थोड़ी दूर मिट्टी खोदकर इन टुकड़ों को दबा दें और ऊपर से पानी दे दें। यह धीरेधीरे सड़कर पौधे को लगातार पोषण देता रहेगा।
बनाएं ‘बनाना पील लिक्विड फर्टिलाइजर’
34 केले के छिलकों को एक लीटर पानी में डालकर 2 से 3 दिनों के लिए ढककर रख दें। इसके बाद छिलकों को छानकर निकाल लें। इस तैयार लिक्विड में बराबर मात्रा में सादा पानी मिलाएं और हर 15 दिन में एक बार टमाटर के पौधे की जड़ों में डालें। यह तुरंत असर दिखाता है।
केले के छिलके का पाउडर
छिलकों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें। जब ये कड़क हो जाएं, तो मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें। महीने में दो चम्मच यह पाउडर मिट्टी की गुड़ाई करके डाल दें।



