देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन उत्तराखंड के मंच पर सनातन से जुड़े सत्र के दौरान अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के मसले पर जमकर बहस हुई. 3 संतों के पैनल में शामिल स्वामी रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि मंदिरों में तो चोरी होती रहती है. यह छोटा मुद्दा है, लेकिन इसे बड़ा बना दिया गया. इस पर निरजंनी अखाड़ा के श्री महंत स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि चंदा चोरी को लेकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. चंपत राय पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए.

‘सनातन यही सिखाता है…’ सत्र में अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी पर रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि यह एक छोटा सा मामला है. जिन लोगों ने चोरी की उन्हें सजा मिलनी चाहिए. यह बहुत ही छोटा मामला है, लेकिन इसे बड़ा बना दिया गया. चोर की कोई जाति नहीं होती, हर मंदिर में चोरी की घटनाएं होती रहती हैं.

चोरी मामले की जांच होनी चाहिएः महंत हरि गिरि महाराज

चंदा चोरी के मामले को छुपाने और ट्रस्ट से जुड़े लोगों से जुड़े सवाल पर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरि महाराज ने आज सोमवार को कहा, “चोरी एक मनोवृत्ति है. चोरी रोक दी जाएगी, यह संभव नहीं है. दुनियाभर में चोरी होती रही है. हालांकि चोरी किया जाना गलत बात है और यह नहीं होनी चाहिए. चोरी मामले की जांच होनी चाहिए, कोई भी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता.”

उन्होंने एक सवाल के जवाब में महंत हरि गिरि महाराज ने कहा, “राम मंदिर की व्यवस्था का अभी जन्म हुआ है. इसे सही करने में वक्त लगेगा. अभी और भी कई तरह के मामले आएंगे. कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने मंदिर के लिए सब कुछ दान कर दिया तो वहीं ऐसे लोग भी हैं जो भगवान के सामने से चोरी करने से बाज नहीं आते. हम लोग तो आध्यात्मिक लोग हैं, हम तो एक ही बात कहते हैं कि सबका अपनाअपना कर्म है. सबका अपना पापपुण्य है. लेकिन ऊपर हर किसी का हिसाबकिताब होगा. सबको वहां जवाब देना ही होगा.

जिम्मेदारी तय नहीं होगी तो ऐसी घटनाएं होती रहेंगीः स्वामी दर्शन भारती

चंदा चोरी पर जिम्मेदारी तय किए जाने की बात करते हुए निरजंनी अखाड़ा के श्री महंत स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि चंदा चोरी को लेकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. हम देखते हैं कि थाने में कोई गलत काम होता है तो थाना अध्यक्ष पर अंगुली उठ जाती है. अगर राम मंदिर में इतना बड़ा हो गया, अब जिसने भी किया, इसकी जिम्मेदारी जो वहां के सक्षम लोग थे उन्हें लेनी चाहिए. उन्हें अपनी जिम्मेदारी मान कर जनता के साथ न्याय करना चाहिए.

महंत स्वामी दर्शन भारती ने केदारनाथ और बद्रीनाथ में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन सब मामलों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी तब तक यह सब चलते रहेंगे. यह धर्म भी ऐसे चलते रहेंगे. आपके सवाल भी ऐसे रहेंगे. ऐसे में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. अगर चंपत राय दोषी हैं या जो भी दोषी है उन्हें जिम्मेदारी लेनी होगी. अगर धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जा सकता है तो चंपत राय पर जवाबदेही तय होनी चाहिए. बड़े लोगों पर भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, सिर्फ छोटे लोगों पर ही जिम्मेदारी तय नहीं होनी चाहिए.

चंपत राय कलियुग के हनुमानः रवींद्र पुरी महाराज

इस पर रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. जो चोरी को लेकर दोषी है, उस पकड़ा जाना चाहिए, लेकिन चोरी को लेकर व्यवस्था देखने की है, जो मैनेजर है, जो पैसा लेते हैं, हिसाबकिताब होना चाहिए. लेकिन चंपत राय को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए. मामले की जांच हो रही है. मैं उन्हें जानता हूं कि वह बहुत ही ईमानदार हैं. वह इस मामले में शामिल नहीं हैं. मैंने उनके काम को देखा है. जो दोषी है उसे सजा मिलनी चाहिए. एक आदमी को ही जिम्मेदार नहीं मानना चाहिए.

उन्होंने कहा कि हम चंपत राय को कलियुग का हनुमान मानते हैं. वो कितने ईमानदार है, हम जानते हैं. हम उनके साथ रहे हुए हैं. आपको उनका टूटा हुआ घर देखने को मिलेगा. मेरी नजर में उन्हें इस मामले में घसीटना सही नहीं होगा.

चंदा चोरी पर जिम्मेदारी तय होने से जुड़े सवाल पर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरि महाराज ने भी कहा कि चंदा चोरी पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. जिम्मेदारी तय होने के साथसाथ गड़बड़ी भी हो सकती है. राम मंदिर में अगर कोई गड़बड़ी हो गई तो ट्रस्ट की जिम्मेदारी बनती है. गड़बड़ी हुई है तो जवाबदेही भी ट्रस्ट की होनी चाहिए. ट्रस्ट ही जिम्मेदार है.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी महाराज ने जेन जी के सनातन की ओर झुकाव को लेकर कहा, इसका प्रयागराज का जवाब है. आपने महाकुंभ में देखा. मैं भी कॉलेज चलाता हूं. मेरा यह भी मानना है कि सबसे बड़े सनातनी जेन जी युवा ही हैं.