सोमवार का दिन शेयर बाजार के लिए भले ही सुस्त रहा हो, लेकिन एक नई कंपनी ने निवेशकों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला दी है. हम बात कर रहे हैं मोलबियो डायग्नोस्टिक्स की. इस कंपनी के शेयरों ने कमजोर बाजार के बावजूद बेहद शानदार शुरुआत की है. जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में पैसा लगाया था, उन्हें लिस्टिंग के पहले ही दिन 21 फीसदी से ज्यादा का तगड़ा मुनाफा हुआ है. 807 रुपये के इश्यू प्राइस वाला यह शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज व नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 980 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ.

मुनाफे की शानदार शुरुआत
बाजार में लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. सोमवार सुबह तक ग्रे मार्केट में इस शेयर का प्रीमियम 120 रुपये के आसपास चल रहा था. जानकारों को लग रहा था कि शेयर करीब 15 फीसदी के प्रीमियम के साथ 927 रुपये पर लिस्ट होगा. लेकिन, असल लिस्टिंग ने इन सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया. हालांकि, 980 रुपये पर शानदार शुरुआत के तुरंत बाद कुछ निवेशकों ने अपना मुनाफा घर ले जाना सही समझा. इस प्रॉफिटबुकिंग की वजह से शेयर की कीमत थोड़ी गिरकर बीएसई पर 925.80 रुपये व एनएसई पर 926.35 रुपये पर आ गई.
क्या है कंपनी का बिजनेस मॉडल
मोलबियो डायग्नोस्टिक्स हेल्थकेयर सेक्टर की एक अहम कंपनी है, जो मुख्य रूप से डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में काम करती है. इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी ऐसी तकनीक बनाती है जिससे संक्रामक व गैरसंचारी बीमारियों की जांच तेजी से, सटीकता के साथ व कम खर्च में हो सके. अब कंपनी ने बाजार से जो पैसा उठाया है, उसका इस्तेमाल वह अपने कारोबार को बढ़ाने में करेगी. नए शेयर जारी कर जुटाए गए 200 करोड़ रुपये से कंपनी एक नया रिसर्च और डेवलपमेंट केंद्र तैयार करेगी. इसके अलावा गोवा व विशाखापत्तनम में स्थित अपनी इकाइयों के लिए नई मशीनरी की खरीदारी भी की जाएगी.
लगातार बढ़ रहा है कंपनी का मुनाफा
किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसका पिछला रिकॉर्ड देखना सबसे जरूरी होता है. इस पैमाने पर भी मोलबियो डायग्नोस्टिक्स काफी मजबूत नजर आती है. बीते कुछ सालों में इसका मुनाफा तेजी से बढ़ा है. वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 83.54 करोड़ रुपये था, जो 2025 में बढ़कर 138.58 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, साल 2026 में यह आंकड़ा 164.14 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. आमदनी की बात करें तो यह भी 836.56 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,445.69 करोड़ रुपये पर आ गई है. यही वजह है कि जब 10 से 12 अगस्त के बीच यह आईपीओ खुला, तो निवेशकों ने इसे हाथोंहाथ लिया. यह इश्यू कुल मिलाकर 70 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ. खुदरा निवेशकों ने भी इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लिया व उनके लिए तय हिस्सा भी 13 गुना भरा गया.



