शिमला। हिमाचल प्रदेश के जुब्बल में चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने चिट्टा खरीदने के साथ मुख्य आरोपी के ठहरने के लिए होटल का इंतजाम किया था। इसके अलावा उसने सप्लायर के बैंक खाते में पैसे जमा करवाने में भी मदद की थी। इस मामले में पुलिस अब तक करीब 24 ग्राम चिट्टा बरामद कर चुकी है। वहीं, नशा तस्करी से जुड़े दूसरे लोगों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

होटल में तलाशी के दौरान पकड़ा गया था पहला आरोपी
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को रोहड़ू डिटेक्शन सेल की टीम को गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने सरस्वती नगर के एक होटल के कमरे में तलाशी ली। इस दौरान बिलासपुर के रहने वाले रविन्दर कुमार उर्फ रवि के पास से करीब 10 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह चंडीगढ़-जीरकपुर से करीब 125 ग्राम चिट्टा लेकर आया था।
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हाईवे के किनारे 13 जगह छिपाई थीं चिट्टे की पुड़ियां
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने खड़ापत्थर से हाटकोटी तक नेशनल हाईवे-705 के किनारे 13 जगहों पर चिट्टे की पुड़ियां छिपाई थीं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तीन जगहों से करीब 14 ग्राम अतिरिक्त चिट्टा बरामद किया। इस तरह मामले में कुल बरामदगी करीब 24 ग्राम हो गई।
पंजाब के अबोहर से पकड़ा गया मुख्य सप्लायर
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सबूतों, व्हाट्सएप और आईपी रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आईसीजेएस पोर्टल से मिली जानकारी की मदद ली। जांच में पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर निवासी सन्नी सिंह का नाम मुख्य सप्लायर के रूप में सामने आया। पुलिस ने उसे 25 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया था।
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जुब्बल के मोहित ने खरीदा था 20 ग्राम चिट्टा
पुलिस जांच में जुब्बल निवासी 23 वर्षीय मोहित कुमार की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, मोहित ने रविन्दर कुमार से 20 ग्राम चिट्टा खरीदा था। इतना ही नहीं, उसने रविन्दर के रहने के लिए होटल का इंतजाम किया और सप्लायर के बताए बैंक खाते में पैसे जमा करवाने में भी मदद की। पुलिस ने मोहित को 12 अक्टूबर को एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मोहित के खिलाफ पहले भी जुब्बल थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
नशा तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच का मकसद चिट्टा सप्लाई करने वाले लोगों और इस धंधे से जुड़े दूसरे आरोपियों का पता लगाना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नशे की सप्लाई का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।


