उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी ने युवा वोटरों, खासकर GenZ को साधने के लिए नई रणनीति तैयार की है. जंतरमंतर पर हालिया युवा आंदोलन के बाद बीजेपी अब युवाओं के बीच सीधे पहुंच बनाने की तैयारी में है. पार्टी की युवा टोली स्कूलकॉलेजों तक जाएगी, छात्रों से संवाद करेगी और उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सरकार को लेकर राय समझने का प्रयास करेगी.

हर विधानसभा में 10 युवाओं की टीम

बीजेपी की योजना के मुताबिक प्रदेश की हर विधानसभा सीट पर 1010 युवाओं की टीम तैयार की जाएगी. इसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और जिला स्तर के युवा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम होगी. ये टीमें स्कूलों और कॉलेजों में पहुंचकर युवाओं से सीधे संवाद करेंगी. इसमें पार्टी का फोकस केवल राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि युवाओं से उनकी पढ़ाई, रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और भविष्य से जुड़ी चिंताओं पर बातचीत की जाएगी. साथ ही यह जानने की कोशिश होगी कि युवा सरकार से क्या उम्मीद रखते हैं और किन मुद्दों को सबसे ज्यादा अहम मानते हैं.

पहले सुनेंगे युवाओं की बात, फिर बनाएंगे रणनीति

बीजेपी की रणनीति में इस बार ‘पहले संवाद, फिर समाधान और प्रचार’ पर जोर दिखाई दे रहा है. युवा टीमों के सदस्य युवाओं की राय और उनकी समस्याओं को समझने के बाद उसी के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करेंगे. पार्टी की कोशिश सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे युवाओं तक पहुंचाने की भी होगी. रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को युवाओं के बीच प्रमुखता से रखा जाएगा.

सोशल मीडिया पर भी विपक्ष को जवाब

बीजेपी की युवा रणनीति का एक बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया भी होगा. पार्टी का मानना है कि GenZ का बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है और पारंपरिक राजनीतिक संवाद की तुलना में सीधे सवालजवाब को ज्यादा महत्व देता है. ऐसे में युवा कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ चल रहे विपक्ष के प्रचार और आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी.

जंतरमंतर के आंदोलन के बाद बदली रणनीति

बीजेपी की यह कवायद ऐसे समय में सामने आई है, जब दिल्ली के जंतरमंतर पर युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए आंदोलन ने राजनीतिक दलों का ध्यान खींचा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी को आशंका है कि इस तरह के आंदोलनों का असर युवा मतदाताओं के बीच उसकी पकड़ पर पड़ सकता है. ऐसे में पार्टी अब युवाओं से दूरी कम करने और उनकी नाराजगी को समझने के लिए जमीनी स्तर पर संवाद बढ़ाने की तैयारी में है.

2027 में युवा वोटर बनेंगे बड़ा फैक्टर

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में युवा मतदाता राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे. रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, कौशल विकास और डिजिटल दुनिया से जुड़े मुद्दे युवाओं के बीच लगातार चर्चा में हैं. हाल के छात्र आंदोलनों ने भी इन मुद्दों की राजनीतिक अहमियत बढ़ा दी है.