'मेरी गाड़ी रोकी कैसे?'... गर्लफ्रेंड के सामने गार्ड ने फटकारा तो भड़का आशिक, गुस्से में कर डाला बड़ा कांड; शहर छोड़कर भागने का था प्लान!

MP Hit and Run Case: मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित एक रेजिडेंशियल टाउनशिप (द एक्सोटिका) में बुधवार रात मामूली सी बात पर एक सनकी कार चालक ने तेज रफ्तार एसयूवी (SUV) से कॉलोनी में खूनी तांडव किया. सोसाइटी के अंदर घुसने से रोकने और टोकने पर आरोपी राजा उर्फ कमल कुमावत (31) ने ड्यूटी पर तैनात 30 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड धर्मेंद्र मालवीय और उसके परिवार को अपनी गाड़ी से कुचल दिया. आरोपी ने न सिर्फ गार्ड को पहली बार जोरदार टक्कर मारी, बल्कि गाड़ी को वापस घुमाकर उसे दूसरी बार भी बेरहमी से रौंद डाला, जिससे गार्ड धर्मेंद्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और रिश्तेदार घायल हो गए. इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजा कुमावत और उसकी महिला साथी सीजल उर्फ शालिनी (29) को गिरफ्तार कर लिया है, जो इंदौर से भागने की फिराक में थे.

क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?

पुलिस और चश्मदीदों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका के परिवार और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की रात करीब 30 साल के सिक्योरिटी गार्ड धर्मेंद्र मालवीय अपनी पत्नी ज्योति और परिवार के साथ टाउनशिप या कॉलोनी के गेट पर बैठे थे. इसी दौरान, अरण्डिया गांव का रहने वाला राजा कुमावत अपनी महिला मित्र के साथ एक तेज रफ्तार एसयूवी कार लेकर वहां पहुंचा और टाउनशिप के एक सुनसान या अंदरूनी हिस्से में जाने की कोशिश कर रहा था. चूंकि गाड़ी बेहद तेज रफ्तार में थी, इसलिए गार्ड धर्मेंद्र ने उसे अंदर जाने से रोका और तेज गाड़ी चलाने पर आपत्ति जताई. बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच तीखी बहस और कहासुनी हो गई. गुस्से में आकर आरोपी राजा ने गार्ड को थप्पड़ तक जड़ दिया. इसके बाद टाउनशिप के मालिक को फोन किया गया, जिन्होंने राजा को वहां से तुरंत जाने को कहा. इसके बाद आरोपी अपनी महिला मित्र के साथ वहां से धमकी देते हुए चला गया, लेकिन उसके दिल में बदले की आग सुलग रही थी.

दो बार गाड़ी चढ़ाकर की गई निर्मम हत्या

धर्मेंद्र को डांटने और थप्पड़ मारने के बाद आरोपी वहां से गया जरूर, लेकिन कुछ ही देर बाद वह और ज्यादा खतरनाक इरादों के साथ वापस लौट आया. जब वह लौटा तो उसकी गाड़ी की रफ्तार और ज्यादा तेज थी. बेरहम ड्राइवर राजा कुमावत ने गाड़ी सीधे गेट पर बैठे सिक्योरिटी गार्ड धर्मेंद्र और उनकी पत्नी ज्योति (या उनके रिश्तेदारों) पर चढ़ा दी. एसयूवी की भयानक टक्कर से गार्ड धर्मेंद्र दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी पत्नी भी चपेट में आकर घायल हो गईं. हैवानियत यहीं नहीं रुकी; आरोपी ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए कार को बैक या टर्न किया और जमीन पर पड़े घायल गार्ड धर्मेंद्र के ऊपर से एसयूवी को दोबारा गुजार दिया, जिससे उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई. इस हमले में गार्ड के रिश्तेदार गोविंद का पैर भी फ्रैक्चर हो गया. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी महिला साथी के साथ मौके से फरार हो गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया.

पुलिस ने आरोपी और महिला मित्र पर लिया एक्शन

इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद इंदौर पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई. लसूड़िया पुलिस स्टेशन ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और अन्य गंभीर धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया. पुलिस अधिकारियों (डीसीपी अमरेन्द्र सिंह और अमन सिंह राठौर) के निर्देश पर टीमों ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू की. पुलिस को यह पुख्ता सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी राजा कुमावत और उसकी महिला साथी सीजल उर्फ शालिनी वारदात के बाद शहर छोड़कर भागने की योजना बना रहे थे. पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा. पूछताछ के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. मृतक धर्मेंद्र मूल रूप से देवास के रहने वाले थे और पिछले करीब एक साल से इस टाउनशिप में अपनी ईमानदारी से गार्ड की नौकरी कर रहे थे. एक छोटी सी बात पर इस तरह बेरहमी से जान ले लेने की इस घटना ने देश भर में सुरक्षा गार्डों की सुरक्षा और बढ़ते गुस्से पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.