Ram Mandir UPSSF Posts: अयोध्या के राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंदिर की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के 1,155 अस्थायी पदों को अब स्थायी कर दिया गया है। गृह विभाग ने इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया है।

यह फैसला राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद लिया गया है। बताया जा रहा है कि यूपीएसएसएफ की छठी वाहिनी ने 23 जून को डीजीपी मुख्यालय को पत्र भेजकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की थी, जिसके बाद सरकार ने इन पदों को स्थायी करने का निर्णय लिया।
कई सुरक्षा एजेंसियां संभाल रही हैं जिम्मेदारी
राम मंदिर की सुरक्षा फिलहाल सीआरपीएफ, यूपीएसएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी और निजी सुरक्षा कर्मियों के संयुक्त जिम्मे है। अब पदों के स्थायी होने से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्थायी किए गए पदों में सेनानायक, उप सेनानायक, सहायक सेनानायक, दलनायक, उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी, आरक्षी चालक, चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, रेडियो निरीक्षक, प्रधान परिचालक, सहायक परिचालक और कार्यशाला सहायक समेत कई अन्य पद शामिल हैं।
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चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी
उधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच भी तेज हो गई है। आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए विवेचक ने अदालत में आवेदन दिया है। इस पर सुनवाई शुक्रवार को होगी। इस बीच, एसआईटी जांच से जुड़ी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चोरी की वास्तविक रकम करोड़ों रुपये में हो सकती है, जबकि जांच एजेंसियों के सामने केवल लाखों रुपये की बरामदगी दिखाई गई। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। सूत्रों के मुताबिक, संदिग्धों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई थी। वहीं, इस मामले पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि जिन्हें लगता है कि उनका दान चोरी हुआ है, संभव है कि उन्होंने वह दान पूरी श्रद्धा से न दिया हो।
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