हिमाचली खबर: Shani Ke Naraj Hone Ke Lakshan Aur Bachav Ke Upay: शनिदेव कर्मों के अनुसार फल देने वाले देवता हैं। उनकी कृपा से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। वहीं, अगर शनि अशुभ प्रभाव दे रहे हों तो आर्थिक, पारिवारिक और करियर से जुड़ी समस्याओं झेलनी पड़ती है। इस साल शनि जयंती का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि 13 साल बाद यह पर्व शनिवार के दिन मनाया जा रहा है। अगर आपके भी जीवन में कुछ अप्रिय घटनाएं बारबार हो रही है, तो ये शनि के नाराज होने के लक्षण हो सकते हैं। शनि जयंती के दिन कुछ विशेष काम करके आप शनि के नकारात्मक असर को कम कर सकते हैं। 

Shani Jayanti 2026: जीवन में बार-बार हो रही हैं ये 5 अप्रिय घटनाएं? तो शनिदेव हैं नाराज, शनि जयंती पर कर लें ये काम​
Shani Jayanti 2026: जीवन में बार-बार हो रही हैं ये 5 अप्रिय घटनाएं? तो शनिदेव हैं नाराज, शनि जयंती पर कर लें ये काम​

बारबार धन हानि होना

हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है। इसे शनि अमावस्या और शनैश्चरी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन शनि पूजा और दान का विशेष महत्व होता है। अगर लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा हो या पैसा टिक नहीं रहा हो, तो इसे शनि के अशुभ प्रभाव का संकेत माना जाता है। ऐसे में शनिवार या शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा और जरूरतमंदों को दान करना लाभकारी माना गया है।

घर में बढ़ते झगड़े और तनाव

परिवार में लगातार कलह, तनाव और बिना वजह विवाद होना भी शनि की नाराजगी का संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसे समय में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर शनि मंत्रों का जाप करना शुभ होता है।

मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना

अगर लगातार मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही हो या करियर में रुकावटें आ रही हों, तो यह भी शनि दोष से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में दशरथ कृत शनि स्तोत्र और शनि चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है।

पदप्रतिष्ठा में कमी आना

ज्योतिष के अनुसार यदि व्यक्ति को सम्मान में कमी महसूस हो या समाज में छवि खराब होने लगे, तो इसे भी शनि के अशुभ प्रभाव से जोड़ा जाता है। ऐसे में अच्छे कर्म करने और जरूरतमंदों की मदद करने पर जोर दिया जाता है।

शनि जयंती पर करें ये उपाय

शनि जयंती के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। काले तिल, उड़द दाल और सरसों के तेल का दान भी लाभकारी माना गया है। वहीं हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

इन बातों का रखें ध्यान

शनि जयंती के दिन तामसिक भोजन और शराब से दूरी बनानी चाहिए। साथ ही मजदूरों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों का अपमान करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि अच्छे कर्म और विनम्र व्यवहार से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।