
Kota Teachers Protest: राजस्थान के कोटा जिले से एक बेहद ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां कोटा जिले के रामगंज मंडी इलाके में सैकड़ों शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर के खिलाफ सड़कों पर उतर आए. इस दौरान शिक्षकों ने ऐसा अनोखा और उग्र प्रदर्शन किया जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया. भीषण और तपती धूप की परवाह किए बिना हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की एक प्रतीकात्मक शव यात्रा तक निकाल दी. इस पूरे हंगामे और रैली का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
अर्थी पर बरसाए गए जूते-चप्पल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि गुस्से से लाल शिक्षक सड़कों पर मार्च कर रहे हैं. इस दौरान पूरा इलाका ‘गली-गली में शोर है, मदन दिलावर चोर है’ जैसे भारी और विवादित नारों से गूंज उठा. प्रदर्शन कर रहे इन शिक्षकों का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने शिक्षा मंत्री की इस प्रतीकात्मक अर्थी को शहर के तमाम प्रमुख चौराहों पर बकायदा रोका और उस पर जूते-चप्पलों को बरसाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. इस अनोखे और तीखे प्रदर्शन को देखने के लिए सड़क के दोनों तरफ लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और लोग इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
जानिए आखिर क्या है पूरा मामला?
शिक्षकों की इस बेहद गंभीर नाराजगी और उग्र आंदोलन की मुख्य वजह सरकारी स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश यानी गर्मियों की छुट्टियों और अन्य सरकारी अवकाशों में की गई भारी कटौती को बताया जा रहा है. प्रदर्शनकारी शिक्षकों का सीधा आरोप है कि राजस्थान सरकार ने शिक्षा विभाग या शिक्षकों से बिना किसी राय-मशविरे के ही उनकी हक की छुट्टियों को काट दिया है. सरकार के इस औचक फैसले से पूरे राजस्थान के शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों में भारी असंतोष और निराशा का माहौल व्याप्त हो गया है, जिसके बाद उन्होंने सड़क पर उतरने का फैसला किया.
बीच सड़क पर ही कर डाला प्रतीकात्मक दाह संस्कार
इस सुनियोजित विरोध प्रदर्शन को अंजाम देने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से भारी संख्या में शिक्षक कोटा के रामगंज मंडी क्षेत्र में एकत्रित हुए थे. यहाँ के गोवर्धनपुरा माताजी मंदिर परिसर से शुरू होकर इन आक्रोशित शिक्षकों ने स्थानीय एसडीएम (SDM) कार्यालय तक एक विशाल विरोध रैली निकाली. एसडीएम दफ्तर यानी उपखंड कार्यालय के बाहर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने सभी हदें पार करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की उस प्रतीकात्मक अर्थी का बीच सड़क पर ही बाकायदा दाह संस्कार (अंतिम संस्कार) भी कर डाला. इस दौरान वहां का माहौल बेहद गरमाया हुआ नजर आया.
मांग पूरी न होने पर दी आंदोलन की खुली चेतावनी
शिक्षकों के इस तीखे तेवर और उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही कमर कस रखी थी. रामगंज मंडी इलाके में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था को बिगड़ने से रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था. प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने के बाद शिक्षक नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम स्थानीय एसडीएम को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने मांग की है कि छुट्टियों में कटौती करने वाले इस काले आदेश को सरकार तुरंत प्रभाव से वापस ले. इसके साथ ही उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे सूबे में और अधिक उग्र किया जाएगा.

