Bareilly fraud case: उत्तर प्रदेश के बरेली में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां दो बहनों ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर कई लोगों से लाखों रुपये ठग लिए. दोनों बहनें अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देती थीं. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों बहनों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

पूरा मामला बारादरी थाना क्षेत्र का है, जहां चार पीड़ितों ने मिलकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और पूरे गिरोह का खुलासा हो गया.
नौकरी का लालच देकर ऐंठे लाखों रुपये
पुलिस के अनुसार, आरोपी बहनों के नाम विप्रा और शिखा हैं. ये दोनों कभी खुद को प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी बताती थीं, तो कभी एडीएम या एसडीएम बनकर लोगों को प्रभावित करती थीं. इनके बोलने का तरीका और आत्मविश्वास ऐसा था कि लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे. ये बहनें खासतौर पर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाती थीं. उनसे कहती थीं कि उनकी सरकारी नौकरी पक्की लगवा देंगी. इसके बदले में वे मोटी रकम मांगती थीं. कई युवाओं ने नौकरी की उम्मीद में अपनी जमा पूंजी तक इन्हें दे दी.
फाइक एन्क्लेव की रहने वाली प्रीति लॉयल समेत चार लोगों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. इन लोगों ने आरोप लगाया कि उनसे करीब साढ़े 11 लाख रुपये ठगे गए हैं. जब काफी समय तक नौकरी नहीं लगी और बहनों ने बहाने बनाना शुरू किया, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ.
क्या बोले पुलिस अधिकारी?
बारादरी थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच की. इसके बाद दोनों बहनों और उनके एक साथी को गिफ्तार कर लिया है. पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं. पुलिस को शक है कि इस ठगी के रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं. ये लोग मिलकर लंबे समय से इस तरह की धोखाधड़ी कर रहे थे. अभी पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बाकी साथियों की तलाश भी जारी है.
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा. अगर जांच में और पीड़ित सामने आते हैं, तो उनके बयान लेकर मामले में और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अगर खुद को बड़ा अधिकारी बताकर नौकरी या किसी काम के नाम पर पैसे मांगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं. बिना जांचपड़ताल के किसी को भी पैसा न दें. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी पकड़ लिया जाएगा.



