लद्दाख में शराब की दुकानों और बार को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. क्लाईमेट चेंज एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया था कि लद्दाख में जगहजगह शराब की दुकानें और बार खोले जा रहे हैं. उनका कहना था कि स्कूलों और रिहायशी इलाकों के पास भी शराब की बिक्री बढ़ाई जा रही है.

इस मुद्दे पर स्थानीय महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने विरोध भी शुरू कर दिया है. अब लद्दाख प्रशासन ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा है कि पूरे केंद्र शासित प्रदेश में फिलहाल सिर्फ एक शराब की दुकान चालू है. प्रशासन ने वांगचुक के दावों को गलत और बेबुनियाद बताया है.
शराब पर पूरी तरह रोक की मांग
इस विवाद की खास बात यह है कि यहां मामला सिर्फ शराब की दुकानों की संख्या का नहीं, बल्कि लद्दाख की संस्कृति, युवाओं के भविष्य, नशे की समस्या और पर्यटन से जुड़े रोजगार का भी है. प्रशासन ने लोगों की आपत्तियों के बाद अपनी नई आबकारी नीति वापस ले ली थी. लेकिन शराब पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग अभी भी उठ रही है. लद्दाख प्रशासन के मुताबिक, नई आबकारी नीति 202627 को 1 जून 2026 को लागू करने की घोषणा की गई थी.
26 अगस्त को पॉलिसी वापस ले ली गई थी
इसके तहत शराब की बिक्री के लिए नए रास्ते खोलने का प्रस्ताव था. लेकिन, लोगों और सामाजिक संगठनों से मिले फीडबैक और सुझावों के बाद, लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना ने 26 अगस्त को जनता की भावना का सम्मान करते हुए पॉलिसी वापस ले ली. इसके बाद पुरानी आबकारी नीति 202526 को फिर से लागू कर दिया गया. प्रशासन ने बताया कि लेह में दो शराब की दुकानों की अनुमति थी, लेकिन नीलामी के बाद सिर्फ एक दुकान ही चालू हो पाई. फिलहाल पूरे लद्दाख में सिर्फ एक शराब की दुकान चल रही है.
9 होटलों के पास शराब देने का लाइसेंस
प्रशासन के अनुसार, लद्दाख में रेस्टोरेंट से जुड़े 50 शराब बिक्री केंद्र चल रहे थे, इनमें लेह में 38, नुब्रा में 7, जांस्कर में 3 और चांगथांग में 2 केंद्र थे. इसके अलावा, लेह में दो बीयर बार भी चल रहे थे. प्रशासन ने ये भी बताया कि लेह के 9 होटलों के पास शराब देने का लाइसेंस है. इनमें से 4 लाइसेंस इसी साल जारी किए गए. नुब्रा के एक होटल को भी इस साल लाइसेंस मिला है. प्रशासन का कहना है कि लाइसेंस देने के लिए तय नियमों का पालन किया जाता है.
सोनम वांगचुक ने क्या आरोप लगाए थे?
सोनम वांगचुक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना पर ‘लद्दाख में ड्रग्स के खतरे से लड़ने के लिए लगातार शराब की बौछार करने’ का आरोप लगाया था. इस पर प्रशासन ने कहा कि सोनम वांगचुक ने 22 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित लद्दाख भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि लद्दाख में शराब को बढ़ावा दिया जा रहा है और स्कूलों के आसपास सहित हर गलीमोहल्ले में बार खोले जा रहे हैं. प्रशासन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड से इनकी पुष्टि नहीं होती.



