हिमाचली खबर: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में करंट का भयानक कहर देखने को मिला है। जिले के मधुबन तहसील क्षेत्र स्थित प्यारेपुर मिश्र गांव में गुरुवार के दिन एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। टुल्लू पंप में उतरे करंट की चपेट में आकर पितापुत्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार की महिला सदस्य मीना देवी बुरी तरह से झुलस गईं। पत्नी को बचाने की कोशिश में पति और फिर मातापिता को बचाने पहुंचे जवान बेटे की मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।

क्या है पूरा मामला?
मऊ के प्यारेपुर मिश्र गांव में ये दिल दहला देने वाली घटना गुरुवार को सुबहसुबह घटी। घर में लगे टुल्लू पंप में उतरे विद्युत करंट की चपेट में आने से पिता देवेंद्र मिश्र और पुत्र नीरज मिश्र की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मीना देवी झुलस गईं हैं और उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला के मुंह से निकली चीख सुनकर परिवार के लोग दौड़े थे, लेकिन कुछ ही क्षणों में यह हादसा दो जिंदगियां लील गया। खुशियों से भरा परिवार देखते ही देखते मातम में बदल गया।
पुलिस भर्ती परीक्षा देने आया था नीरज
ग्रामीणों ने बताया कि नीरज मिश्र पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। वह महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह इन दिनों घर आया हुआ था और आगामी 8 जून को चंदौली में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाला था। परिवार और गांव के लोगों को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। घटना की सूचना मिलते ही गांव में चीखपुकार मच गई। परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिसने भी इस दर्दनाक हादसे के बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया।
पुलिस ने क्या बताया?
इस घटना के बारे में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि “प्यारेपुर गांव एक बड़ी दुखद घटना में निवासी देवेंद्र मिश्र और उनके पुत्र नीरज मिश्र की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घर में लगे टुल्लू पंप में अचानक विद्युत करंट प्रवाहित हो गया था। इसी दौरान परिवार की मीना देवी उसकी चपेट में आ गईं। उन्हें बचाने के लिए सबसे पहले पति देवेंद्र मिश्र दौड़े और पत्नी को छुड़ाने का प्रयास करने लगे, लेकिन वह स्वयं करंट की गिरफ्त में आ गए। पिता और मां को करंट से तड़पता देख बेटे नीरज भी उसे बचाने पहुंचे, किंतु वह भी करंट की चपेट में आ गए। देखते ही देखते पिता और पुत्र दोनों ने दम तोड़ दिया।”
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
हादसे की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष सुनील कुमार सरोज एवं ढढ़वल चौकी प्रभारी अशोक तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा केवल दो जिंदगियों के समाप्त होने की कहानी नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों के बिखर जाने की मार्मिक दास्तान बन गया है।



