Lucknow Crime News: इस वक्त उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का शिवा शर्मा हत्याकांड खूब चर्चा में है. मामले में फरार चल रही 25 हजार रुपये की इनामी आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे का अब सहारनपुर से एक पुराना और खौफनाक कनेक्शन सामने आया है. सहारनपुर के साइबर क्राइम थाने में खड़ी स्कोडा कार श्रद्धा दुबे के नाम पर ही रजिस्टर्ड पाई गई है. ये वही कार है जिसे साल 2024 में आयुष्मान योजना के नाम पर हुई 90.59 लाख रुपये की साइबर ठगी की जांच के दौरान पुलिस ने जब्त किया था.

दिसंबर 2024 में आयुष्मान योजना के तहत बकाया बिलों के भुगतान का झांसा देकर परांकुर हॉस्पिटल के सर्जन डॉ. प्रभात कुमार वर्मा से 90.59 लाख रुपये की ठगी की गई थी. साइबर पुलिस ने इस मामले में लखनऊ निवासी मुख्य आरोपी अंकित जायसवाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. पड़ताल में पता चला कि अंकित ने ठगी की रकम से दिल्ली के महिपालपुर में रजिस्टर्ड स्कोडा कार खरीदकर अपनी गर्लफ्रेंड श्रद्धा दुबे के नाम ट्रांसफर कराई थी. तब से यह कार पुलिस कस्टडी में बंद है.

श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

शिवा हत्याकांड में आरोपियों की घेराबंदी मजबूत करते हुए लखनऊ पुलिस ने अदालत से बड़ा झटका दिया है. शुक्रवार को लखनऊ की हजरतगंज थाना पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दी थी, जिसके बाद अदालत ने 25 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर दानिश के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है. पुलिस की 10 अलगअलग टीमें नेपाल सीमा और उससे सटे जनपदों में फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं.

केजीएमयू ट्रामा सेंटर से नेपाल भागने की पूरी टाइमलाइन आई सामने

हजरतगंज पुलिस की तफ्तीश में हत्या के बाद आरोपियों के भागने का रूट मैप बेपर्दा हुआ है. 9 अक्तूबर की रात करीब 9 बजे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के बाहर कार में श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर दानिश मौजूद थे. जैसे ही डॉक्टरों ने चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए शिवा शर्मा की मौत की पुष्टि की, तीनों तुरंत मौके से फरार हो गए. तीनों आरोपी चौक, पक्के पुल और सीतापुर के रास्ते होते हुए बहराइच पहुंचे. 10 अक्तूबर की सुबह 6:20 बजे बहराइच के रुपईडीहा में कस्टम ऑफिस के पास कार पार्क कर वे नेपाल में दाखिल हो गए. नेपाल से मिले सीसीटीवी फुटेज में तीनों ईरिक्शा और पैदल जाते नजर आए हैं.

JCP बबलू कुमार का बयान: हत्यारोपियों के खिलाफ पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य

संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने मामले में अहम जानकारी दी है. बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में घटना के वक्त शिवा, श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर मौजूद थे. शिवा को चौथी मंजिल से गिराए जाने के बाद आरोपी उसे पहले गोमतीनगर के मार्क्स हॉस्पिटल, फिर लोहिया और अंत में ट्रामा सेंटर ले गए थे. जेसीपी बबलू कुमार के मुताबिक, पुलिस के पास तीनों आरोपियों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक, वैज्ञानिक और CCTV फुटेज समेत पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. पुलिस ने रुपईडीहा के अलावा नेपाल जाने वाले अन्य वैकल्पिक कच्चे रास्तों पर भी सतर्कता बढ़ा दी है.