दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित बैंकों में से एक, जेपी मॉर्गन चेस से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कॉरपोरेट जगत की चकाचौंध और ऊंचे पैकेजों के पीछे सत्ता और पद के दुरुपयोग की एक ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है, जो किसी को भी हैरान कर सकती है. जेपी मॉर्गन के एक जूनियर पुरुष कर्मचारी ने अपनी सीनियर महिला बॉस पर यौन शोषण, ड्रग्स देने और नस्लभेदी टिप्पणियां करने का गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है.

JPMorgan की महिला बॉस का घिनौना सच, प्रमोशन का लालच देकर आदमी के साथ की ऐसी हरकत, कांप जाएगी रूह!
JPMorgan की महिला बॉस का घिनौना सच, प्रमोशन का लालच देकर आदमी के साथ की ऐसी हरकत, कांप जाएगी रूह!

पद का दुरुपयोग कर किया शोषण

न्यूयॉर्क काउंटी सुप्रीम कोर्ट में दायर एक मुकदमे के अनुसार, यह पूरी घटना 2024 के शुरुआती महीनों में शुरू हुई. पीड़ित, जिसे सुरक्षा कारणों से ‘जॉन डो’ नाम दिया गया है, एक एशियाई मूल का सीनियर वीपी/डायरेक्टर है. वहीं, आरोपी महिला लॉर्ना हजदिनी बैंक के लीवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर तैनात थीं. शिकायत में कहा गया है कि साथ काम शुरू करने के कुछ ही समय बाद, हजदिनी ने पीड़ित के साथ अनुचित व्यवहार करना शुरू कर दिया. शुरुआत डेस्क के पास जानबूझकर पेन गिराने और पीड़ित को अनुचित तरीके से छूने से हुई. जब पीड़ित ने इन हरकतों का विरोध किया और उनके निमंत्रणों को ठुकराया, तो महिला बॉस ने उसके करियर को बर्बाद करने की धमकियां देनी शुरू कर दीं. उसने पीड़ित से साफ कहा कि वह उसे ‘खरीद’ चुकी है.

ड्रग्स, नस्लवादफिर जबरन संबंध

जैसेजैसे समय बीता, हालात और बदतर होते गए. मुकदमे के दस्तावेज बेहद विचलित करने वाले दावों से भरे हैं. पीड़ित का आरोप है कि महिला बॉस ने उसे कई बार बिना बताए ‘रूफीज’ जैसी दवाइयां दीं ताकि वह उसका शारीरिक शोषण कर सके. एक घटना का जिक्र करते हुए बताया गया है कि गर्मियों में हजदिनी जबरन उस अपार्टमेंट में पहुंच गई जहां पीड़ित ठहरा हुआ था. वहां उसने पीड़ित की एशियाई पत्नी पर भद्दी नस्लभेदी टिप्पणी की और उसके विरोध करने व रोने के बावजूद उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. इतना ही नहीं, महिला बॉस ने रोने पर उसे फटकार लगाई और ‘करी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर नस्लवादी ताने भी दिए.

प्रमोशन चाहिए तो मेरी शर्तें माननी होंगी

शिकायत के मुताबिक, हजदिनी लगातार इस बात का अहसास दिलाती रही कि पीड़ित का करियर पूरी तरह से उसके हाथ में है. सितंबर 2024 में, उसने पीड़ित पर दबाव डाला कि अगर उसे मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर प्रमोशन चाहिए और अपना बोनस सुरक्षित रखना है, तो उसे उसकी यौन मांगें पूरी करनी होंगी. उसने खुलेआम धमकी दी कि प्रबंधन किसी ‘ब्राउन बॉय’ को लीड करते हुए नहीं देखना चाहता और वह उसका प्रमोशन रुकवा सकती है. नौकरी जाने और करियर बर्बाद होने के डर से पीड़ित को बारबार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा. इस दौरान कुछ घटनाओं की पुष्टि के लिए शिकायत में गवाहों का भी हवाला दिया गया है.

पीड़ित को दी नौकरी से निकलवाने की धमकी

जब प्रताड़ना सहने की सीमा पार हो गई, तो पीड़ित ने बैंक प्रबंधन को एक लिखित शिकायत दी. लेकिन न्याय मिलने के बजाय, उसे कथित तौर पर सजा दी गई. शिकायतकर्ता का दावा है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के कुछ ही दिनों बाद उसे कंपनी के सभी सिस्टम से बाहर कर दिया गया और जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया. इसके अलावा, उसे अनजान नंबरों से धमकियां मिलने लगीं, जिसमें उसे इमिग्रेशन से शिकायत करने और नौकरी से निकलवाने की धमकी दी गई.

दूसरी ओर, जेपी मॉर्गन के प्रवक्ता ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. बैंक का कहना है कि उनकी आंतरिक जांच में इन दावों में कोई सच्चाई नहीं पाई गई और शिकायतकर्ता ने जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया था. फिलहाल हजदिनी अब भी बैंक में कार्यरत हैं.

पीड़ित के वकील डेनियल जे कैसर के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम ने उनके मुवक्किल को मानसिक रूप से तोड़ दिया है. वह पीटीएसडी से जूझ रहे हैं और अपनी प्रतिष्ठा और करियर को हुए भारी नुकसान के एवज में मुआवजे की मांग कर रहे हैं.