मुंबई इंडियंस, आईपीएल के इतिहास की वह टीम जो अगर शुरुआती 45 मैच हार भी जाती थी वहां से भी सीजन जीतने का दमखम रखती थी। पिछले पांच साल में इस टीम का प्रदर्शन लगातार खराब होता गया है। इसके कारण कई हो सकते हैं जिसमें से सबसे अहम है एक कप्तान की लिगेसी का। एक रोहित शर्मा का युग था जो 2024 में खत्म हुआ और 2024 से शुरू हुआ हार्दिक पंड्या का युग।

हालांकि, 2025 में पंड्या की कप्तानी में पहुंची थी लेकिन फिर भी टीम 2020 से एक बार भी फाइनल नहीं खेली है। यह वही टीम है जिसने 2013 से 2020 तक आठ में से पांच सीजन जीते थे। अब 2025 तक ऐसा हुआ कि टीम पिछले पांच में से दो सीजन में अंकतालिका में आखिरी यानी 10वें स्थान पर रही थी।
अगर आईपीएल 2026 के 36 मैचों तक की बात करें तो मुंबई और चेन्नई ही 2024 से अब तक सबसे ज्यादा मैच हारने वाली टीमें हैं। दोनों ने सबसे ज्यादा 55 बार आईपीएल जीता है लेकिन पिछले कुछ सालों में यह दोनों बड़ी टीमें कमजोर नजर आ रही हैं। मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2024 से अब तक 2121 मैच हारे हैं, जो इस टूर्नामेंट की 10 टीमों में सबसे ज्यादा हार है।
मुंबई इंडियंस का IPL 2021 से 2026 तक का प्रदर्शन देखें तो साफ दिखता है कि टीम का ग्राफ “ऊपरनीचे” और कई बार लगातार गिरावट वाला रहा है। नीचे कुछ महत्वपूर्ण तथ्य दिए गए हैं:
क्या हैं मुंबई इंडियंस के प्रदर्शन में गिरावट के कारण?
उम्रदराज खिलाड़ी सिरदर्द
आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले एमआई द्वारा रिटेन किए गए पांच खिलाड़ियों में से चार रोहित शर्मा , सूर्यकुमार यादव , हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह थे। यह नाम टीम में खिलाड़ियों की बढ़ती उम्र को दर्शाते हैं, जिससे यह टीम टूर्नामेंट की सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों वाली टीमों में से एक बन गई है। इसके अलावा ट्रेंट बोल्ट, क्विंटन डी कॉक जैसे सीनियर प्लेयर्स भी टीम का हिस्सा हैं।
आमतौर पर सीनियर खिलाड़ी टीम के लिए वरदान होते हैं लेकिन मुंबई इंडियंस में यह अभिशाप बनता दिख रहा है। क्योंकि बड़े खिलाड़ियों की छांव में युवा टैलेंट निखर नहीं पा रहा है और अन्य टीम जहां अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे, आयुष बडोनी, जितेश शर्मा जैसा टैलेंट पिछले कुछ सालों में तैयार कर चुकी हैं तो मुंबई अभी भी पुराने खिलाड़ियों के साथ टिकी है। एकमात्र तिलक वर्मा को छोड़कर इस टीम की बागडोर पिछले कुछ सालों से बड़े नामों पर ही निर्भर है।
बड़ें खिलाड़ियों पर निर्भरता
की टीम में पिछले कुछ सालों से गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, बल्लेबाजी में रोहित शर्मासूर्यकुमार यादव जैसे बड़े नामों पर निर्भरता बड़ी बात रही है। एक तिलक वर्मा को छोड़कर पिछले कुछ सालों में किसी अन्य ऐसे भारतीय युवा खिलाड़ी ने मुंबई के लिए परफॉर्म नहीं किया है जो अपनी अलग पहचान बना सके।
रोहित शर्मा से कप्तानी लेने में जल्दबाजी
रोहित शर्मा ने 2023 वर्ल्ड कप में भारत को फाइनल तक पहुंचाया। फिर उसके बाद उनसे मुंबई की कप्तानी ले ली गई। जबकि उसके बाद ही रोहित की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीता था। अब यह मुंबई के लिए उल्टा दांव था। क्योंकि हार्दिक पंड्या को टीम इंडिया की कप्तानी नहीं मिली थी लेकिन मुंबई ने उनके ऊपर भरोसा दिखा दिया। 2024 के बाद मुंबई सबसे ज्यादा मैच हारने वाली टीम में से एक है। ऐसे में प्रदर्शन साफ है। 2024 में टीम 10वें स्थान पर थी और 2025 में प्लेऑफ में जाकर भी क्वालिफायर 2 हार गई।
2026 में भी टीम की हालत खराब नजर आ रही है। मुंबई इंडियंस ने आईपीएल 2026 के पहले 7 में से पांच मैच गंवा दिए हैं। सिर्फ दो मैच में टीम को जीत मिली है। ऐसे में अगर प्लेऑफ के लिहाज से देखें तो टीम को बचे हुए सात मैचों में से कम से कम छह मैच जीतने पड़ सकते हैं। यानी एक और सीजन में टीम के प्लेऑफ में पहुंचने की राह मुश्किल लग रही है।
मुंबई इंडियंस के लिए कप्तानी करने वाले खिलाड़ियों का रिकॉर्ड
यह आंकड़े साफ बताते हैं कि कम से कम 30 मैचों में मुंबई इंडियंस की कप्तानी की बात करें तो सक्सेस रेट यानी जीत के प्रतिश में हार्दिक पंड्या सबसे पीछे हैं। और फिर हैं टीम को पांच बार चैंपियन बनाने वाले कप्तान रोहित शर्मा। इस लिहाज से कारण साफ हैं, अब देखना होगा कि यह टीम कितनी जल्दी वापसी कर पाती है या फिर एक सीजन और फैंस को निराश होना पड़ेगा।
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