गोरखपुर के शाहपुर थानाक्षेत्र के तीसरे दिन दूल्हे ने जहर खाकर जान दे दी। जहर खाकर रात में छत पर टहल रहा था। जब मां पहुंची तो बोला, मां मैंने जहर खा लिया है, मुझे बचा लो। हालत बिगड़ती देख घबराए घरवाले उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शादी के 2 दिन बाद दूल्हे ने किया सुसाइड, मौत से पहले मां से बोला-'मैंने जहर खा लिया, बचा लो'
शादी के 2 दिन बाद दूल्हे ने किया सुसाइड, मौत से पहले मां से बोला-'मैंने जहर खा लिया, बचा लो'

मृतक रुद्रनाथ की शादी 25 अप्रैल को महाराजगंज की एक लड़की से हुई थी। एक दिन पहले ही वह दुल्हन को विदा कराकर घर लाया था। सुसाइड की वजह अभी सामने नहीं आ सकी है। मामला शाहपुर थाना क्षेत्र का 27 अप्रैल का है।

25 अप्रैल को हुई थी शादी

जानकारी के मुताबिक, पादरी बाजार में रहने वाले प्रेम जायसवाल के तीन बेटे और एक बेटी थे। मृतक रुद्रनाथ जायसवाल उर्फ मिंशू दूसरे नंबर के थे। रुद्रनाथ की शादी 25 अप्रैल को महाराजगंज के नौतनवां की रहने वाली एक लड़की से हुई थी। शादी गोरखपुर के ही एक मैरिज हॉल में हुई थी। 26 अप्रैल को विदाई के बाद दुल्हन घर आई। घरवालों के मुताबिक, शादी तय होने के बाद से रुद्रनाथ काफी खुश था। पूरी खरीदारी अपनी पसंद से की थी।

शेरवानी से लेकर पगड़ी, दुपट्टा तक उसने मैचिंग का खरीदा था। जयमाल और शादी के दौरान भी वह काफी खुश था। मां के अनुसार, दुल्हन के घर आने के बाद भी सारी रस्में उसने खुशीखुशी पूरी की थीं। परिवार में हंसीखुशी और उत्सव का माहौल था। शादी के तीसरे दिन 27 अप्रैल को रुद्रनाथ अपने पापा का हाथ बंटाने पादरी बाजार स्थित अपने होटल पर गया था। शाम को वह घर आया। खाना खाने के बाद अपने कमरे में चला गया। फिर देर रात छत पर टहलने चला गया।

जहर खाकर छत चला गया था युवक

इसी दौरान उसकी मां आ गईं। उन्होंने पूछा कि इतनी रात में क्यों टहल रहे हो? इस पर रुद्र ने बताया कि उसने जहर खा लिया है। बेचैनी हो रही है। मां ने चिल्लाकर परिवार के अन्य लोगों को बुलाया। रुद्र की हालत खराब होने लगी। वह गिड़गिड़ाने लगा कि मुझे बचा लो। आननफानन में लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन, डॉक्टरों ने कुछ ही देर में मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद घर में चीखपुकार मच गई। दूल्हे की मौत के बाद उसके घरवालों का रोरोकर बुरा हाल है। रुद्र ने आत्महत्या क्यों की, अभी इसकी वजह सामने नहीं आ सकी है।

रिपोर्ट राज श्रीवास्तव