गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की ओरा कायमेरा सोसाइटी में मकान मालकिन हत्याकांड के खुलासे में नौकरानी मिन्नी की अहम भूमिका रही। किरायेदार के फ्लैट में फर्श पर खून देखने के बाद मिन्नी ने आरोपी दंपती को कमरे में बंद कर दिया था।

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की ओरा कायमेरा सोसाइटी में बुधवार रात किराया मांगने गई मकान मालकिन की हत्या कर दी गई। किरायेदार दंपती ने कुकर से हमला करने के बाद गला घोंटकर महिला को मार डाला और शव को सूटकेस में भरकर बेड के अंदर छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपी दंपती को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। इस हत्याकांड के खुलासे में नौकरानी मिन्नी की अहम भूमिका रही। किरायेदार के फ्लैट में फर्श पर खून देखने के बाद मिन्नी ने आरोपी दंपती को कमरे में बंद कर दिया था। साथ ही शोर मचाकर पड़ोसियों को इकट्ठा किया।
पुलिस के मुताबिक, किराया मांगने के विवाद में मकान मालकिन दीपशिखा की हत्या करने के बाद आरोपी अजय गुप्ता और उसकी पत्नी आकृति ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बना ली थी। शव को लाल रंग के सूटकेस में भरकर बाहर ले जाने की तैयारी कर चुके थे। इसके लिए ऑटो भी बुला लिया था।
दीपशिखा की नौकरानी मिन्नी ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे वह दीपशिखा को तलाश रही थी। उसने किरायेदार अजय गुप्ता को सूटकेस के साथ ऑटो में बैठते देखा। मिनी ने दीपशिखा के बारे में पूछा, जिस पर अजय ने कहा कि उसे घर जाना है। इस पर मिनी ने कहा कि जब तक मकान मालकिन नहीं मिलेगी, वह कहीं नहीं जाएगा। इससे अजय घबरा गया और सूटकेस लेकर वापस अपने फ्लैट में लौट गया। मिन्नी का कहना है कि वह फ्लैट में गई तो अजय उसे बातों में उलझाने लगा। जाते समय उसकी नजर रसोई के फर्श पर खून की बूंदों पर पड़ी तो शक हुआ। वह घबराकर बाहर निकली और दरवाजे पर कुंडी लगाकर अजय और आकृति को अंदर बंद कर दिया। इसके बाद वह चिल्लाने लगी, जिससे सोसाइटी के लोग और पुलिस पहुंच गई।
तीन घंटे में दूसरी बार किराया मांगने गई थीं दीपशिखा : उमेश शर्मा के मुताबिक, दीपशिखा नौकरानी को साथ लेकर ही किराया मांगने जाती थीं। बुधवार शाम 5 बजे वह मिन्नी के साथ किरायेदार के फ्लैट पर गई थीं, लेकिन आकृति ने पति के घर पर न होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया। रात करीब 8 बजे दीपशिखा दोबारा अकेले ही किराया मांगने चली गईं। माना जा रहा है कि अगर दीपशिखा उस वक्त भी मिन्नी को साथ ले जातीं तो शायद यह वारदात टल सकती थी। बता दें कि आरोपी आकृति गुप्ता भी मेड के साथ मिलकर दीपशिखा को खोजने का नाटक करती रही, ताकि उन पर किसी को शक न हो।
अजय ने पत्नी को बचाने का प्रयास किया
पुलिस के सामने आरोपी अजय गुप्ता ने हत्या की पूरी जिम्मेदारी खुद ले ली और पत्नी को बचाने की कोशिश की। उसने कहा कि वारदात में उसकी पत्नी का हाथ नहीं है, लेकिन अजय की बात सुनते ही आकृति टूट गई और उसने सच्चाई बयां कर दी। आकृति ने कबूल किया कि उसने चुन्नी से दीपशिखा का गला घोंटा था। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी दंपती लंबे समय से आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहा था। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। अजय गुप्ता ने बताया कि उसकी दोनों किडनी खराब हैं और इलाज पर भारी खर्च हो रहा था। ट्रांसपोर्ट का कारोबार पूरी तरह ठप हो चुका था। फरवरी 2025 में किराये पर फ्लैट लेने के बाद हालात और बिगड़ते चले गए, जिसके चलते वह किराया भी नहीं चुका पा रहा था। बीमारी, आर्थिक संकट और संतान न होने की पीड़ा ने उनकी मानसिक स्थिति को और बिगाड़ दिया था।
केमिकल कंपनी में जनरल मैनेजर हैं दीपशिखा के पति
मूलरूप से हापुड़ के इंद्रलोक कॉलोनी निवासी उमेश शर्मा के ओरा कायमेरा सोसाइटी में दो फ्लैट हैं। एम-ब्लॉक के फ्लैट नंबर-105 में उनकी 48 वर्षीय पत्नी दीपशिखा शर्मा निवास करती थीं। उमेश शर्मा फरीदाबाद में एक केमिकल कंपनी में जनरल मैनेजर हैं और वहीं रहते हैं। दंपती की इकलौती बेटी दिल्ली में रहकर निजी कंपनी में नौकरी करती है। दीपशिखा गौतमबुद्ध नगर स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रशासनिक विभाग में कार्यरत थीं।
उमेश शर्मा ने बताया कि दूसरा फ्लैट सोसाइटी के एफ-ब्लॉक में है, जिसे अजय गुप्ता और उसकी पत्नी आकृति को 18 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दे रखा है। अजय पहले ट्रांसपोर्ट का काम करता था, लेकिन कुछ समय से कारोबार ठप चल रहा था। आर्थिक तंगी के चलते दंपति को संजयनगर स्थित अपना मकान बेचना पड़ा, जिसके बाद वह उमेश शर्मा के फ्लैट में रहने लगे। दंपती ने पांच माह से किराया देना बंद कर दिया था।
90 हजार रुपये मांगने पर कहासुनी हुई : उमेश शर्मा का आरोप है कि पांच माह का किराया करीब 90 हजार रुपये बकाया हो गया था। दीपशिखा बुधवार शाम नौकरानी मिन्नी को बताकर फ्लैट पर किराया मांगने गई थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि वहां किराये को लेकर आरोपी दंपति से कहासुनी हो गई। आरोप है कि आकृति ने गुस्से में दीपशिखा को धक्का दे दिया। विवाद बढ़ने पर अजय गुप्ता ने कुकर उठाकर दीपशिखा के सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद दंपती ने दीपशिखा की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपियों ने शव को लाल रंग के सूटकेस में रखा और उसे बेड के अंदर छिपा दिया।
रात तक घर नहीं लौटी तो संदेह गहराया
दीपशिखा रात तक नहीं लौटीं तो नौकरानी मिन्नी को शक हुआ। वह किराएदार के फ्लैट पर पहुंची, जहां आरोपी दंपति ने बताया कि दीपशिखा किराया लेकर जा चुकी हैं। मिन्नी ने उमेश शर्मा को भी यह जानकारी दी। रात करीब 11 बजे उमेश फरीदाबाद से गाजियाबाद पहुंचे। उन्होंने पड़ोसी राणा सिंह और मिन्नी के साथ किरायेदार के फ्लैट की तलाशी ली। इसी दौरान बेड के अंदर रखे लाल रंग के बैग से दीपशिखा शर्मा का शव बरामद हुआ।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दंपती को दबोचा
एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय ने बताया कि मृतका के पति की शिकायत पर आरोपी अजय गुप्ता और आकृति को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कहासुनी के दौरान गुस्से में आकर उन्होंने यह कदम उठा लिया। एसीपी का कहना है कि अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही।