कुछ दिन पहले छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के कोच में एक बक्से के अंदर बोरी में युवती का धड़ मिला था. जांच में सामने आया कि यह ऑनर किलिंग का मामला है. पुलिस ने युवती के पिता को रिश्तेदारों के साथ गिरफ्तार किया है.

ट्रेन के अंदर बक्से में मिली लाश का खुला राज, नाबालिग की बेटी के हत्यारे पिता-फूफा निकले, वजह सामने आई

Girl Body Found in Train: लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच में मिले युवती के कटे शव मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. जीआरपी ने लड़की के पिता को गिरफ्तार किया है. पुलिस को जांच में पता चला है कि यह ऑनर किलिंग का मामला है.  दरअसल, रविवार को छपरा गोमती नगर एक्सप्रेस में एक बक्से के अंदर बोरी में सिर कटी लाश मिली थी. सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस की मदद से जीआरपी ने मृतका की पहचान कुशीनगर निवासी युवती के रूप में की. मामले में जांच करते हुए रेलवे पुलिस ने लड़की की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.

गैर-मजहबी अफेयर बना वजह

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी पिता विग्गन अंसारी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पेशे से ई-रिक्शा चालक विग्गन अंसारी ने बताया कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी शिब्बा का किसी गैर-मजहबी युवक के साथ अफेयर चल रहा था. विग्गन की दो बड़ी बेटियां पहले ही अपनी मर्जी से शादी करके घर छोड़कर जा चुकी थीं. उसे डर था कि उसकी सबसे छोटी बेटी शिब्बा भी ऐसा ही कोई कदम न उठा ले, जिससे समाज में उसकी और बदनामी हो. उसने शिब्बा को कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी तो उसने लोक-लाज के डर से अपनी ही बेटी की हत्या की खौफनाक योजना बना डाली.

सोची-समझी साजिश के तहत वारदात को दिया अंजाम

इस ऑनर किलिंग को अंजाम देने के लिए विग्गन अंसारी ने बेहद शातिर और सोची-समझी रणनीति अपनाई थी.

घटना से करीब 5 दिन पहले उसने अपनी पत्नी और दोनों बेटों को मायके भेज दिया था, जिनमें से एक बेटा कैंसर से पीड़ित था और उसका इलाज चल रहा था. घर खाली होने के बाद वहां सिर्फ विग्गन और उसकी 90 वर्षीय बुजुर्ग मां ही रह गए थे.

वारदात वाले दिन विग्गन ने इस साजिश में शामिल करने के लिए अपनी बहन और बहनोई को भी घर बुला लिया था. 

हत्या के बाद 36 घंटे शव के पास बैठा रहा पिता, फिर किए टुकड़े

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बहन और बहनोई के साथ मिलकर रात के वक्त शिब्बा की गला घोंटकर हत्या कर दी. हत्या करने के बाद आरोपी पिता करीब 36 घंटे तक शव के पास ही बैठा रहा. इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने और परिवार को यह झूठ बोलने की योजना बनाई कि छोटी बेटी भी किसी लड़के के साथ भाग गई है.

उसने एक धारदार हथियार से रोते हुए अपनी ही बेटी के शव के 6 टुकड़े कर डाले. उसने धड़, हाथ और पैर को काटकर अलग-अलग बोरियों में कपड़ों के बीच पैक किया और फिर उसे एक बड़े बक्से में जबरन ठूस दिया, जबकि पहचान छिपाने के लिए उसने शिब्बा के सिर को काटकर एक तालाब में फेंक दिया.

ऐसे मिला था ट्रेन की बोगी में बक्सा

बीते रविवार को जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15114) गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची, तो पूरी ट्रेन खाली होने के बाद सफाई कर्मी बोगियों की सफाई करने अंदर चढ़े. इसी दौरान एस1 (S1) बोगी की एक सीट के नीचे सफाई कर्मियों को एक संदिग्ध बक्सा जबरदस्ती घुसाया हुआ मिला. बक्से के एक कोने पर खून की कुछ बूंदें दिखाई देने पर सफाई कर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना रेल प्रशासन और जीआरपी को दी. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जब बक्सा बाहर निकालकर खोला, तो उसमें से युवती का सिरकटी और टुकड़ों में बंटा हुआ शव बरामद हुआ, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया.

सीसीटीवी और मोबाइल सर्विलांस से खुला राज

शव बरामद होने के बाद जीआरपी के एसपी के निर्देश पर तुरंत तीन विशेष टीमों का गठन किया गया. पुलिस की टीमों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार के छपरा, छपरा कचहरी, मरहौरा, मसरख, राजापत्ती, दिघवा दुबौली, सिधवालिया, गोपालगंज और थावे रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. अंततः सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में आरोपी पिता और उसके रिश्तेदार बक्से के साथ जाते हुए दिखाई दे गए. मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जीआरपी और आरपीएफ ने घेराबंदी करके आरोपी पिता विग्गन अंसारी, उसकी बहन और बहनोई को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब मृतका के सिर को बरामद करने के लिए संबंधित तालाब में सर्च ऑपरेशन चला रही है.