हिमाचली खबर: Bijnor News: उत्तर प्रदेश सरकार की अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बिजनौर और जालौन जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है. दो जिलों में अवैध स्लॉटर हाउस संचालित करने वाले, गोमांस तस्करी और संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त जालौन के गैंगस्टर अतीक अहमद के खिलाफ कुर्क करने का आदेश जारी किया गया है. गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई इस कार्रवाई में आरोपी की लगभग 168 करोड़ 13 लाख 32 हजार 600 रुपये मूल्य की चलअचल संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा.

जालौन के गैंगस्टर अतीक अहमद का स्लॉटर हाउस सील, 168 करोड़ थी कीमत, बेटे के नाम पर 20 साल पहले बनवाया था​
जालौन के गैंगस्टर अतीक अहमद का स्लॉटर हाउस सील, 168 करोड़ थी कीमत, बेटे के नाम पर 20 साल पहले बनवाया था​

यह ऐतिहासिक आदेश जालौन के जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा बिजनौर की जिला मजिस्ट्रेट जसजीत कौर और जालौन के पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट व उपलब्ध पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर जारी किया गया है.

फर्जी दस्तावेजों से विदेशों में मीट एक्सपोर्ट कर कमाई अकूत संपत्ति

आरोपी अतीक अहमद और उसके पूरे गिरोह के खिलाफ जालौन में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है. इस मामले की गहन जांच बिजनौर और जालौन, दोनों जनपदों की पुलिस ने मिलकर की. जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि अतीक अहमद गिरोह द्वारा योजनाबद्ध तरीके से गोमांस की तस्करी की जा रही थी. वे पशुओं का मांस और खाल निकालने के लिए अवैध रूप से कटान करते थे. इसके बाद, फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर देश और विदेशों में फ्रोजन मीट की सप्लाई और एक्सपोर्ट करके गिरोह ने अकूत अवैध कमाई की. इसी काली कमाई का इस्तेमाल विभिन्न बेनामी संपत्तियों को खरीदने में किया गया.

20 साल से चल रहे स्लॉटर हाउस की कीमत 168 करोड़ आंकी गई

मुख्य आरोपी अतीक अहमद ने जनपद बिजनौर के सहसपुर याकूबपुर में जमीन खरीदकर ‘उमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस’ का अवैध निर्माण कराया था. इस कसाईखाने में पिछले करीब 20 वर्षों से अवैध रूप से पशुओं का वध किया जा रहा था. जब प्रशासन ने इस पूरे स्लॉटर हाउस का सरकारी मूल्यांकन कराया, तो इसकी भूमि और भवन का कुल बाजार मूल्य लगभग 168.13 करोड़ रुपये आंका गया. जांच में यह पूरी तरह साबित हो गया कि यह विशाल संपत्ति अपराध से अर्जित किए गए पैसों से ही खड़ी की गई थी, जिसके बाद गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 के अंतर्गत इसकी कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई गई.

SDM बनीं रिसीवर; अपराधियों को मिला कड़ा संदेश

बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने इस कार्रवाई को लेकर बताया कि प्रदेश सरकार संगठित अपराध, गोतस्करी और अवैध कारोबारियों के खिलाफ बेहद सख्त है. अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने के उद्देश्य से धामपुर की उपजिलाधिकारी स्मृति मिश्रा को उक्त कुर्क किए गए स्लॉटर हाउस और उससे जुड़ी पूरी संपत्ति का आधिकारिक रिसीवर नियुक्त कर दिया गया है.

डीएम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में कानून का राज और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अपराधियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी. यह कार्रवाई सभी संगठित अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अवैध धंधों से बनाई गई संपत्ति को सरकार किसी भी वक्त जब्त कर सकती है.