आजकल कारों में 360 डिग्री कैमरा सिस्टम काफी लोकप्रिय हो गया है. इसमें कार के आगे, पीछे और साइड में लगे कैमरे अलग-अलग एंगल से वीडियो रिकॉर्ड करते हैं. फिर एडवांस सॉफ्टवेयर इन सभी तस्वीरों को जोड़कर ऊपर से दिखने वाला बर्ड्स आई व्यू तैयार करता है.

आजकल नई कारों में 360 डिग्री कैमरा सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. पहले ये फीचर केवल महंगी गाड़ियों में मिलता था, लेकिन अब मिड-रेंज मॉडल में भी देखने को मिल जाता है. कई लोग तो नई कार खरीदते समय इसे जरूरी फीचर मानने लगे हैं. इसकी मदद से ड्राइवर को गाड़ी के आगे-पीछे, दाएं-बाएं और आस-पास का पूरा दृश्य स्क्रीन पर दिखाई देता है. लेकिन एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि जब कार की रूफ पर कोई कैमरा नहीं लगा होता, तो फिर स्क्रीन पर ऊपर से दिखाई देने वाला बर्ड्स आई व्यू कैसे बन जाता है.
कार का एडवांस सॉफ्टवेयर
असल में इस तकनीक का पूरा खेल कैमरों और सॉफ्टवेयर के मेल से होता है. कार में अलग-अलग हिस्सों में छोटे-छोटे कैमरे लगाए जाते हैं, जैसे आगे की तरफ, पीछे की तरफ और दोनों साइड मिरर के नीचे. ये कैमरे अपने-अपने एंगल से आसपास का लाइव वीडियो रिकॉर्ड करते हैं. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। इसके बाद कार का एडवांस सॉफ्टवेयर इन सभी कैमरों से आने वाली तस्वीरों को एक साथ जोड़कर ऐसा व्यू तैयार करता है, जिससे लगता है कि गाड़ी को ऊपर से देखा जा रहा है.
सॉफ्टवेयर कई स्टेप्स पर काम करता है
इस प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर कई स्टेप्स पर काम करता है. सबसे पहले सभी कैमरों से आने वाले वीडियो को सिस्टम इकट्ठा करता है. फिर सॉफ्टवेयर हर तस्वीर में कुछ ऐसे कॉमन पॉइंट खोजता है जो दूसरी तस्वीरों में भी मौजूद होते हैं. इन पॉइंट्स की मदद से सभी इमेज को गाड़ी के साइज और पोजिशन के हिसाब से सही जगह पर फिट किया जाता है.
कैमरों में वाइड-एंगल लेंस लगे होते हैं
इसके बाद एक और जरूरी काम होता है, जिसे इमेज करेक्शन कहा जाता है. दरअसल, इन कैमरों में वाइड-एंगल लेंस लगे होते हैं, जिनकी वजह से तस्वीरें थोड़ी मुड़ी हुई या डिस्टॉर्ट दिखाई दे सकती हैं. सॉफ्टवेयर इन तस्वीरों को एडजस्ट करके उन्हें सही आकार में बदल देता है, ताकि सड़क, लाइनें और आसपास की चीजें सही तरीके से दिखाई दें.
पैनोरमिक व्यू तैयार करता है
जब सभी तस्वीरें ठीक तरह से एडजस्ट हो जाती हैं, तब सॉफ्टवेयर उन्हें जोड़कर एक स्मूद और पैनोरमिक व्यू तैयार करता है. साथ ही सभी इमेज की ब्राइटनेस और रंग भी एक जैसे कर दिए जाते हैं, जिससे स्क्रीन पर दिखने वाला दृश्य बिल्कुल प्राकृतिक लगे. यही तैयार व्यू कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम पर बर्ड्स आई व्यू के रूप में दिखाई देता है.इसे समझने का आसान तरीका स्मार्टफोन के पैनोरामा फोटो मोड से है, जिसमें कई तस्वीरों को जोड़कर एक बड़ी फोटो बनाई जाती है.
360 डिग्री कैमरा ड्राइविंग को काफी आसान बना देता है. इससे ब्लाइंड स्पॉट कम हो जाते हैं, तंग जगहों पर पार्किंग करना आसान हो जाता है और आसपास की गाड़ियों या बाधाओं को देखना भी सरल हो जाता है. यही वजह है कि आज के समय में यह फीचर ड्राइवरों के लिए काफी उपयोगी माना जाता है.