हिमाचल प्रदेश में इस बार अप्रैल के महीने में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां आमतौर पर इस समय गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं प्रदेश में सर्दियों जैसा माहौल बन गया है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।

मौसम विभाग के मुताबिक आज भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम खराब बना रह सकता है। खासकर चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में तेज तूफान और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।

मौसम के इस बदलाव का कारण पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है। अनुमान है कि कल से इसका असर कमजोर पड़ना शुरू होगा और धीरे-धीरे मौसम साफ होने लगेगा। हालांकि अगले 48 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है। 12 अप्रैल के बाद मौसम के पूरी तरह साफ होने की संभावना जताई गई है।

इसके बावजूद आने वाले दिनों में राहत पूरी तरह नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग ने 13 अप्रैल के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की चेतावनी दी है। इसके चलते कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। तेज हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

तेज बारिश और हवाओं का असर प्रदेश की व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। कई जगहों पर सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है। मंडी जिले में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित हैं, जबकि शिमला, चंबा और लाहौल-स्पीति में भी कई मार्ग बंद पड़े हैं।

बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है और सैकड़ों ट्रांसफार्मर ठप होने से लोगों को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम की मार खेती-बाड़ी और बागवानी पर भी पड़ रही है। शिमला जिले के कुफरी, नारकंडा, चौपाल और कोटखाई जैसे इलाकों में बर्फबारी के कारण सेब बागवानों की चिंता बढ़ गई है। इस समय पेड़ों में फूल आने का दौर होता है, लेकिन बारिश और बर्फबारी के कारण फूल झड़ने का खतरा बढ़ गया है, जिससे आने वाली फसल प्रभावित हो सकती है।

प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। सिरमौर के राजगढ़ में सबसे अधिक वर्षा हुई, जबकि भटियात, बरठी, श्री नैना देवी, सोलन और कोटखाई में भी तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।