हिमाचली खबर: Purushottam Ekadashi 2026 Puja Vidhi: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है लेकिन अधिकमास में आने वाली एकादशी अत्यधिक पुण्य फलों वाली मानी जाती है। कल यानी 27 मई को पुरुषोत्तमी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जिसे पुरुषोत्तम एकादशी, पद्मिनी एकादशी और कमला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। अधिकमास या मलमास में आने के कारण यह एकादशी 3 साल में सिर्फ एक बार आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की  पूजा करने से भक्तों के जीवन से दरिद्रता दूर होती है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं पुरुषोत्तम एकादशी की पूजा विधि।

3 साल में एक बार आती है यह एकादशी, इस विधि से पूजा करने पर मिलेगा कई गुना फल​
3 साल में एक बार आती है यह एकादशी, इस विधि से पूजा करने पर मिलेगा कई गुना फल​

पुरुषोत्तम एकादशी पूजा विधि

  • पुरुषोत्तम एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफसुथरा पीले रंग का वस्त्र पहन लें।
  • इसके बाद पूजा घर में एक चौकी रखें और उसपर पीला रंग का कपड़ा बिछाएं। फिर गंगाजल छिड़कें।
  • चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
  • भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। 
  • भगवान श्री हरि विष्णु को पीले फूल, पीला चंदन, फल और पंचामृत अर्पित करें। 
  • इस दिन माता लक्ष्मी की भी विशेष पूजा करें। देवी लक्ष्मी को कमल या लाल गुलाब का फूल चढ़ाएं।
  • मां लक्ष्मी को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
  • ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
  •  घी का दीपक जलाकर विष्णु जी और माता लक्ष्मी की आरती करें।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को भोग अर्पित करें।
  • भगवान विष्णु को भोग लगाते समय तुलसी का पत्ता जरूर रखें, इसके बिना भोग अधूरा माना जाता है।
  • शाम के समय  भी आरती करें और घर के मुख्य द्वार व तुलसी के पास दीया जलाएं।

पुरुषोत्तम एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि प्रारंभ मई 26, 2026 को 05:10 ए एम बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त मई 27, 2026 को 06:21 ए एम बजे
  • ब्रह्म मुहूर्त 04:34 ए एम से 05:17 ए एम
  • विजय मुहूर्त 02:47 पी एम से 03:40 पी एम
  • 28 मई को, पारण समय 06:01 ए एम से 07:56 ए एम
  • पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय 07:56 ए एम

पुरुषोत्तम एकादशी व्रत महत्व

अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। पुरुषोत्तम भगवान विष्णु के प्रिय नामों में से एक है। इस पूरे महीने के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु हैं। इसी वजह से इस महीने में आने वाली एकादशी को पुरुषोत्तमी एकादशी कहते हैं। इस एकादशी को कमला एकादशी भी कहा जाता है। पुरुषोत्तमी एकादशी पर विष्णु और लक्ष्मी दोनों की कृपा बरसती है। इस दिन किए गए दान, जप और तप का फल सामान्य दिनों की तुलना में हजार गुना अधिक मिलता है। पुरुषोत्तम एकादशी का व्रत रखने से आर्थिक तंगी और करियर में आ रही बाधाएं भी शीघ्र दूर हो जाती हैं।