तेहरान/वॉशिंगटन: बुधवार सुबह तड़के ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस हमले की जानकारी देते हुए इसे सरप्राइज अटैक बताया है। ईरान ने यह हमला ऐसे समय किया है, जब पिछले सप्ताह के आखिर में ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन रोकने का फैसला किया था। अमेरिकी ऑपरेशन रोके जाने के बाद यह ईरान का पहला सीधा बैलिस्टिक हमला है।

सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “आज शाम 5:45 बजे ET पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेना ने मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना के अड्डे पर अचानक हमले की कोशिश में ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।” इसने आगे कहा कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया और अमेरिकी सेना सतर्क और पूरी तरह तैयार है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
अमेरिका के हमले रोकने के बाद ईरान की कार्रवाई
एक US अधिकारी ने CNN को बताया कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार, चार से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें नहीं थीं। यह हमला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के लगभग एक दिन बाद हुआ कि अमेरिका ने ईरान पर हमले रोक दिए हैं। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अच्छी बातचीत हो रही है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने ट्रंप की बात का खंडन किया और कहा कि अभी हमारी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।
होर्मुज संकट का नहीं निकलता दिख रहा हल
इस हमले ने कई दिनों के टकराव के बाद घोषित की गई ट्रंप की शांति की कूटनीतिक कोशिश के पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट का जल्द कोई समाधान निकलने की संभावना बनती नहीं दिखाई दे रहा है। यह फारस की खाड़ी का एक अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है। फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने जहाजों पर तेल टैंकरों पर हमले करके इस रास्ते को लगभग बंद कर रखा है।
ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को उससे अनुमति लेनी होगी और इसके लिए वह सुविधा शुल्क ले सकता है। वहीं, अमेरिका का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इसे किसी के नियंत्रण में नहीं हो सकता। होर्मुज के मसले पर ही अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल में हुआ युद्धविराम इस महीने टूट गया था और दोनों पक्षों ने एकदूसरे पर दो सप्ताह तक लगातार हमले किए थे।



