हिमाचली खबर: Moradabad wall collapse: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां मझोला थाना क्षेत्र में पड़ोसी के निर्माणाधीन मकान की दीवार और स्लैब गिरने से छह साल की मासूम बच्ची की मलबे में दबकर मौत हो गई. यह हादसा मंगलवार देर शाम आंबेडकर नगर इलाके में हुआ, जब बच्चे रोज की तरह घर के पास खेल रहे थे.

मुरादाबाद में दर्दनाक हादसा, निर्माणाधीन दीवार गिरी, 6 साल की बच्ची की मौत​
मुरादाबाद में दर्दनाक हादसा, निर्माणाधीन दीवार गिरी, 6 साल की बच्ची की मौत​

बताया जा रहा है कि गोपालपुर रोड स्थित अंकित नाम के व्यक्ति के मकान में निर्माण कार्य चल रहा था. शाम करीब 7:30 बजे, जब कुछ बच्चे मकान के पास खेल रहे थे, तभी अचानक जर्जर दीवार और लेंटर का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा. हादसे के समय वहां मौजूद बच्चों में अफरातफरी मच गई. इस दौरान मजदूरी करने वाले रोहित की छह वर्षीय बेटी राधा मलबे के नीचे दब गई, जबकि अन्य बच्चे बालबाल बच गए.

घटना से परिवार सदमे में

बच्चों की चीखपुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. राधा को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी सांसें थम चुकी थीं. इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया है. रोहित, जो मूल रूप से चंदौसी के पतरौआ गांव के रहने वाले हैं, अपने परिवार के साथ यहां रहकर मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे. राधा उनके दिवंगत भाई जुगनू की बेटी थी, जिसे वह अपनी संतान की तरह पाल रहे थे.

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में भारी लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के निर्माण किया जा रहा था. न तो वहां बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी प्रकार का सुरक्षा घेरा लगाया गया था, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ.

शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मझोला पुलिस ने बताया कि परिजनों की तहरीर और तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

दरअसल, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और नगर निगम के नियमों के अनुसार, किसी भी निर्माण कार्य से पहले नक्शा पास कराना अनिवार्य होता है. साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा जाल, टीन शेड और बैरिकेडिंग लगाना जरूरी है ताकि आसपास के लोगों को खतरा न हो. इसके अलावा, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुरूप होनी चाहिए और समयसमय पर अधिकृत इंजीनियर से संरचना की जांच कराना आवश्यक होता है.