Bareilly News: बरेली क्लब ग्राउंड में बीजेपी मेयर डॉ. उमेश गौतम की ओर से आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में गुरुवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली. कार्यक्रम में करीब 20 हजार से अधिक महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया था. सुबह 10 बजे से ही महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया और करीब 11 बजे तक मैदान पूरी तरह भर गया. भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से हालात बिगड़ गए. कई महिलाएं धक्कामुक्की और गर्मी के कारण बेहोश हो गईं. एंबुलेंस से बेहोश और घायल महिलाओं को बाहर ले जाते हुए भी देखा गया.

कार्यक्रम में महिलाओं से राखी बंधवाने के लिए पहले से कूपन बांटे गए थे. बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों और बुजुर्ग परिजनों के साथ पहुंचीं. भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि मैदान में पैर रखने तक की जगह नहीं बची. कई महिलाएं बैरिकेडिंग पार कर मंच की ओर बढ़ने लगीं. इससे मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई.

मंच पर चढ़ने लगी महिलाएं, बेटे को मुख्य गेट पर भेजा

हालात बिगड़ते देख मेयर डॉ. उमेश गौतम ने भीड़ को अलगअलग जगह बांटने की कोशिश की. बताया गया कि उन्होंने अपने बेटे पार्थ गौतम को मुख्य गेट की तरफ भेजा, ताकि वहां भी महिलाओं से राखी बंधवाई जा सके. इसके बावजूद भीड़ का दबाव कम नहीं हुआ. मंच के पास धक्कामुक्की में कई महिलाएं गिर गईं. कार्यक्रम स्थल पर बच्चों के भीड़ में बिछड़ने की बात सामने आई. मंच से लगातार लाउडस्पीकर के जरिए बच्चों और उनके परिजनों के बारे में अनाउंसमेंट कराया जाता रहा. मैदान में कई जगह टूटी चूड़ियां, चप्पल और अन्य सामान बिखरा दिखाई दिया.

एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि भीड़ में एक बच्ची दब गई थी और करीब पांच मिनट तक दबे रहने के बाद उसे बाहर निकाला गया. महिला ने बताया कि इस दौरान उसके हाथपैर में चोट आई. कार्यक्रम स्थल के हालात की तस्वीरों में भी एंबुलेंस के जरिए महिलाओं को बाहर ले जाते हुए देखा जा सकता है.

महिला बोली किसी तरह बचाकर निकली जान

भुता क्षेत्र से कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने बताया कि मंच की तरफ बढ़ते समय भीड़ में किसी ने उनका हाथ खींच लिया. धक्कामुक्की के बीच उसकी चप्पल और पैरों में पहनी बिछिया तक निकलकर गिर गई. महिला ने कहा कि हालात इतने खराब थे कि उसे अपनी जान बचाकर वहां से बाहर निकलना पड़ा.

वहीं बच्चे को गोद में लेकर पहुंची एक महिला ने बताया कि भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया था. वह अपने बच्चे को सीने से लगाए खड़ी थी. पीछे से आए लोगों के दबाव में बच्चा हाथ से नीचे गिरतेगिरते बचा. महिला के मुताबिक, उसकी सास को भी भीड़ ने धक्का दे दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं.

कार्यक्रम में शामिल नीलिमा ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को बुलाया गया, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए. गर्मी में पानी, सुरक्षित रास्ते और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था को लेकर भी महिलाओं ने नाराजगी जताई. उपहार बांटने के दौरान भी भीड़ का दबाव और बढ़ गया. महिलाओं में उपहार लेने की होड़ के बीच धक्कामुक्की हुई. कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनके मोबाइल, पर्स की नकदी और गले की चेन चोरी हो गई.

CMO ने दी जानकारी

पूरे मामले में CMO विश्राम सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि बरेली ग्राउंड में एक प्रोग्राम में कुछ महिलाएं बेहोश और घायल हो गईं. तुरंत एंबुलेंस भेजी गई, जिसमें एक महिला को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जो बेहोश थी और उसको हल्की चोटें भी लगी हुई थीं. महिला का इलाज जिला अस्पताल में किया गया.