Karnataka Crime News: कर्नाटक में बागलकोट के बिलागी में सात महीने पहले एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला गौरव कोडेकल की हत्या कर दी गई थी. पुलिस के लिए ये मामला सात महीनों तक रहस्य बना रहा है, लेकिन अब पुलिस इस मामले को सुलझा दिया है. पुलिस ने मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी की है. महिला की हत्या 18 और 19 मार्च की दरमियानी रात को 1:30 बजे बागलकोट जिले के बिलागी कस्बे के कटकारा ओनी स्थित बीरादेवरा मंदिर में पत्थर से की गई थी.

गौरव कोडेकल की हत्या के मामले में उसके पोते पडियाप्पा, बहू शांताव्वा और शांताव्वा की बहन के बेटे शंकर को गिरफ्तार किया गया है. जब हत्या के एक महीने बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला.तो बागलकोट के डीएसपी गजानन सुतारा, बिलागी के सीपीआई हनुमंत सन्नामणि और पीएसआई चंद्रू हेराकल के नेतृत्व में 10 लोगों की एक विशेष टीम गठित की गई.

महिला की हत्या के दो कारण आए सामने

पूरे बिलागी विधानसभा क्षेत्र में 30,000 से अधिक लोगों की आईडी की जांच की गई. इसके बावजूद, हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला. स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को परिवार पर संदेह हुआ. पडियप्पा, शांताव्वा और शांताव्वाकी बहन के बेटे शंकर से पूछताछ की गई तो उन्होंने हत्या करने की बात कुबूल कर ली. महिला की हत्या के दो कारण थे. पांच एकड़ जमीन उसके नाम पर थी.

गौरव कोडेकल का बेटा और बहू लगातार उनसे जमीन अपने नाम पर ट्रांसफर करवाने के लिए दबाव डाल रहे थे. दूसरा, उनकी बहू शांताव्वा का किसी दूसरे आदमी के साथ नाजायज संबंध था और इस बात की जानकारी होने पर उसने अपनी बहू को खूब खरीखोटी सुनाई थी. शांताव्वा इस बात से भी नाराज थी कि वह न केवल उसके नाजायज संबंध में बाधा डाल रही थी, बल्कि सबके सामने उसे अपमानित भी कर रही थी.

पोते ने खुद कराई पुलिस थाने में शिकायत

इन दो मुद्दों पर झगड़े के बाद बजुर्ग महिला घर छोड़कर मंदिर में रहने लगी थीं. 18 और 19 मार्च की रात, डेढ़ बजे वह मंदिर में सो रही थीं तभी उनके सिर पर पत्थर मारकर उनकी हत्या कर दी गई. शांताव्वा की बहन का बेटा शंकर इस हत्या में साथी था. उसने कहा कि शराबी लोगों ने हत्या की. फिर उसके पोते ने खुद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और रोते हुए नाटक किया.

हालांकि, पुलिस ने सात महीनों तक लगातार मेहनत करते हुए बुजुर्ग महिला की हत्या मामला सुलझाते हुए उसके पोते पडियाप्पा, बहू शांताव्वा और शांताव्वा की बहन के बेटे शंकर को गिरफ्तार जेल भेज दिया.