हिमाचल में आउटसोर्स कर्मचारी ने की खुदकुशी की कोशिश, नौकरी से हटाए जाने के बाद से तनाव…

मंडी: हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारी की खुदकुशी की कोशिश के बाद से हड़कंप मच गया है. लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक एवं अस्पताल में आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे एक कर्मचारी द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है. कर्मचारी रिवालसर का रहने वाला है. घटना के बाद उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है.

आउटसोर्स कर्मचारी ने किया आत्महत्या का प्रयास
परिजनों के अनुसार, कर्मचारी मेडिकल कॉलेज में वार्ड बॉय के रूप में आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे था. हाल ही में कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने के बाद वह कथित तौर पर मानसिक तनाव में था. कर्मचारियों के अनुसार करीब 13 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया है. आरोप है कि कुछ कर्मचारियों को बिना पूर्व नोटिस के सेवाओं से बाहर कर दिया गया, जिसके कारण कर्मचारियों में चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.

मामले की पुष्टि करते हुए एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि, “मेडिकल कॉलेज में वार्ड बॉय के रूप में आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे था. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया है. मामले की जांच जारी है.”

विधायक इंद्र सिंह गांधी ने अस्पताल पहुंचकर जाना हालचाल
घटना की सूचना मिलने के बाद बल्ह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर कर्मचारी का हाल जाना. उन्होंने चिकित्सकों से कर्मचारी के स्वास्थ्य और उपचार के संबंध में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. घटना के बाद अस्पताल में कर्मचारी के स्वास्थ्य को लेकर परिजन और सहकर्मी चिंतित हैं.

सरकार से भाजपा विधायक की मांग
विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि, “कर्मचारी द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है. किसी भी कर्मचारी के लिए रोजगार का संकट और भविष्य को लेकर असुरक्षा बेहद तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर सकती है. ऐसी परिस्थितियों का प्रभाव कर्मचारी के साथ-साथ उसके पूरे परिवार पर भी पड़ता है. प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों की रोजगार संबंधी समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता से ले. कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी और न्यायसंगत समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि किसी भी कर्मचारी को मानसिक दबाव या निराशा की स्थिति में इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर न होना पड़े.”

भाजपा विधायक ने कहा कि, सरकार को आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं, रोजगार की सुरक्षा और भविष्य से जुड़े मामलों को लेकर स्पष्ट नीति बनानी चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित कर्मचारियों की समस्याओं पर उचित कार्रवाई करेगी.