Imran Masood in Ram Mandir Case: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने 8 आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में श्री राम मंदिर ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले को लेकर कांग्रेस और आप ने कई गंभीर सवाल उठाए है। कांग्रेस नेता ने योगी आदित्यनाथ के रवैये पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर वे किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

राम मंदिर चंदे के मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “क्या देश को समझ नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है? आपने SIT बनाई ही क्यों थी? और जब बना ली, तो उसकी रिपोर्ट क्यों नहीं जमा करवाई? उस रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? और अगर आपका दावा है कि उसकी जांच के आधार पर FIR दर्ज की गई थी, तो फिर किस हैसियत से आपने SIT की जिम्मेदारियां राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दीं?”
योगी आदित्यनाथ के ढीले रवैये पर सवाल
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने योगी आदित्यनाथ के सख्त एडमिनिस्ट्रेटर की छवि को निशाना बनाते हुए कहा, “ये सभी सवाल एक ही बात की ओर इशारा करते हैं। आप किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं? लोगों को CM योगी आदित्यनाथ से बहुत उम्मीदें हैं। वे चाहते हैं कि एक सख्त एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर उनकी छवि बनी रहे और वे कड़े कदम उठाएं। लेकिन, इस मामले में जो बेहद ढीला रवैया अपनाया जा रहा है, वह बिल्कुल समझ से परे है।”
VIDEO | Delhi: On Ram Temple donation case, Congress MP Imran Masood says, “Does the country not understand what is happening”https://t.co/FHa3189aq9″>pic.twitter.com/FHa3189aq9
— Press Trust of India June 26, 2026
बीजेपी के इन आरोपों पर कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विदेश दौरे पर हैं और देश में नहीं हैं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान सामने आया। ने कहा, “वे राहुल गांधी से इतना क्यों डरते हैं? उन्हें तो सपने में भी राहुल गांधी ही दिखाई देते हैं। क्योंकि जिस दिन राहुल आएंगे, उन्हें पता चल जाएगा कि उन्होंने जितने भी घोटाले किए हैं, उन सबकी पोल खुल जाएगी।”
अरविंद केजरीवाल ने भी उठाए सवाल
इस मामले में आप संयोजक ने भी सवाल उठाए है। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि FIR के बिना SIT के नहीं बनाई जा सकती। सीआरपीसी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि सीआरपीसी में यह उल्लेख है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही एसआईटी का गठन किया जाएगा।
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एसआईटी के गठन को लेकर उन्होंने कहा था कि यह एसआईटी किस कानून के आधार पर बनाई गई है? टीम के पास जांच करने की कोई शक्ति नहीं है। इसलिए, इस एसआईटी का गठन केवल दिखावा है और लोगों को धोखा देने का एक तरीका है।” उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि ‘बड़े नामों को बचाने’ के लिए किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है; इतनी बड़ी चोरी जो इतने लंबे समय से की जा रही थी, प्रभावशाली लोगों के समर्थन के बिना संभव नहीं होती।



