EPFO 3.0 Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़े करोड़ो खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर हैं। अब जल्द ही कर्मचारी भविष्य निधि का पैसा UPI औऱ ATM के माध्यम से निकाल सकेंगे। इस नई सुविधा को लागू करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि जून के अंत तक इसे लोगों के शुरु किया जा सकता है। इससे पीएफ निकालने का सिस्टम पहले के मुकाबले फास्ट और आसान हो जाएगा। 

NPCI के साथ तैयार हुई नई व्यवस्था

NPCI के साथ बनाई गई इस नई सुविधा की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। इसे अब लॉन्च करने की तैयारी चल रही है। केंद्रिय श्रम एवं रोजगार मंत्री मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। 

कितना पीएफ अमाउंट निकाल सकेंगे ? 

UPI और ATM के जरिए पीएफ खाते से पैसा निकाला जा सकेगा, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणी नहीं की गई है। हालांकि मौजूदा नियमों में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है। फिलहाल जो पीएफ विड्राल के नियम हैं वही आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि UPIATM से 75 फीसदी पैसा निकालने की अनुमति मिल सकती है। 

मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह दावा किया गया है कि यूपीआई और यूपीआईसक्षम एटीएम के जरिए कर्मचारी अपने ईपीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक हिस्सा सीधे बैंक खाते में तुरंत ट्रांसफर कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कागजी प्रक्रियाओं में कमी आएगी और भुगतान में होने वाली देरी भी घटेगी।

क्लेम प्रक्रिया से मिलेगी राहत

पीएफ निकासी के लिए सदस्यों को ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से क्लेम दाखिल करना पड़ता है। इसके बाद आवेदन की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता है। सामान्य तौप पर क्लेम स्वीकृत होने के बाद 15 से 20 दिनों के भीतर राशि खाते में पहुंचती है। 

सेल्फ सेटलमेंट की सीमा बढ़ी

सरकार ने पीएम क्लेम से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण सुविधा भी शुरु की है। इसके तहत सेल्फ सेटलमेंट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे पहले ये सीमा 1 लाख रुपये थी। नई व्यवस्था के बाद खाताधारक ज्यादा राशि तक के क्लेम को स्वयं निपटा सकेंगे। 

फेस ऑथेंटिकेशन से होगी पहचान की पुष्टि

पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। अब सदस्य कई दस्तावेज जमा करने के बजाय यूएमएएनजी ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर सकते हैं। इस सुविधा का उद्देश्य दस्तावेजों पर निर्भरता कम करना और पहचान सत्यापन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।