गर्मियों का मौसम आते ही रसीला और लाल तरबूज हर किसी की पहली पसंद बन जाता है। पानी से भरपूर यह फल न केवल शरीर को हाइड्रेटे रखता है, बल्कि चिलचिलाती धूप में राहत भी देता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों में फूड पॉइजनिंग की कुछ दुखद घटनाओं ने लोगों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या वाकई तरबूज खाना जानलेवा हो सकता है? अक्सर हम फल की चमक और मिठास देखकर उसे खरीद लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि फलों को जल्दी पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स और उन्हें स्टोर करने का गलत तरीका ‘फूड पॉइजनिंग’ का गंभीर कारण बन सकते है।

अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद में सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर मोहित शर्मा ने बताया कि खतरा तरबूज में नहीं है बल्कि उसके गलत रखरखाव और गलत तरीके से इस्तेमाल करने में छुपा है। गर्मी में गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया तरबूज आपके पेट में ब्लोटिंग का कारण बन सकता है और फूड प्वाइजनिंग भी कर सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि तरबूज खरीदते और खाते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रहे।
गर्मी में खाने के बाद तरबूज का सेवन फूड प्वाइजनिंग कर सकता है क्या?
डॉक्टर के मुताबिक तरबूज अपने आप में खतरनाक नहीं होता, बल्कि खतरा इसके गलत तरीके से हैंडल करने और स्टोर करने में छिपा होता है। तरबूज जमीन पर उगता है, इसलिए उसकी बाहरी सतह पर मिट्टी, गंदगी और बैक्टीरिया जैसे साल्मोनेला, ई.कोलाई और लिस्टेरिया मौजूद हो सकते हैं। अगर तरबूज को बिना धोए या गंदे चाकू से काटा जाए, तो ये बैक्टीरिया छिलके से अंदर फल में पहुंच जाते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि कटने के बाद तरबूज में मौजूद ज्यादा पानी और गर्मी बैक्टीरिया को तेजी से बढ़ने का मौका देती है।
अगर कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक बाहर रखा जाए या खुले में बेचा जा रहा हो, तो उसमें संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है, जो फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकता है। इसलिए हमेशा तरबूज को काटने से पहले अच्छी तरह धोना, साफ चाकू इस्तेमाल करना, और कटने के बाद तुरंत फ्रिज में रखना बेहद जरूरी है। तरबूज में 90% से ज्यादा पानी होता है, इसलिए यह आमतौर पर आसानी से पच जाता है। लेकिन अगर इसे भारी भोजन जैसे खासतौर पर फैट या प्रोटीन वाले खाने के तुरंत बाद खाया जाए, तो यह पेट में भारीपन और ब्लोटिंग का कारण बन सकता है। इससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा भी हो सकता है।
क्या तरबूज खाने से ब्लोटिंग होती है?
तेज गर्मी में शरीर अपने तापमान को नियंत्रित करने में ज्यादा ऊर्जा लगाता है, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसके साथ ही डिहाइड्रेशन एक आम समस्या है, क्योंकि लोग अक्सर दिनभर में पर्याप्त पानी नहीं पीते। सही हाइड्रेशन सिर्फ पानी पीने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तरल पदार्थ, पानी से भरपूर फलसब्जियां और संतुलित आहार भी शामिल होता है। तरबूज पोषक तत्वों से भरपूर है, लेकिन खाना खाने के तुरंत बाद इसे खाने से ब्लोटिंग हो सकती है। गर्मी में डिहाइड्रेशन के कारण गैस और ब्लोटिंग बढ़ सकती है। तरबूज में मौजूद फ्रुक्टोज कुछ लोगों के पेट में fermentation कर गैस और असहजता पैदा कर सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो आंतों की गति प्रभावित होती है और पाचन एंजाइम ठीक से काम नहीं कर पाते। इससे पेट में गैस बनने लगती है और ब्लोटिंग बढ़ जाती है।
तरबूज खाने के बाद किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
- Irritable Bowel Syndrome से पीड़ित या जिनका पाचन तंत्र संवेदनशील है, उन्हें तरबूज सीमित मात्रा में खाना चाहिए।
- जिन लोगों की पाचन शक्ति कमजोर है, उन्हें खाने के तुरंत बाद तरबूज खाने से बचना चाहिए।
- जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या रहती है, उनमें ज्यादा तरबूज खाने के बाद ब्लोटिंग और असहजता बढ़ सकती है। ऐसे लोग तरबूज का सेवन खाली पेट करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।



