.’हम RBI से हैं’,’ बोलकर रुकवाई कैश वैन, फिर बेंगलुरु की सड़कों पर जो हुआ, सहम गया पूरा पुलिस डिपोर्टमेंट!

नई दिल्‍ली. बेंगलुरु में बुधवार दोपहर एक ऐसी फिल्मी लूट हुई जिसे जानकार शायद आपके भी दिमाग की भत्‍ती घूम जाए. साउथ एंड सर्किल के पास एक कैश वैन रुकी ही थी कि खुद को रिजर्व बैंक का अधिकारी बताने वाले 7-8 बदमाश आए और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर पूरे स्टाफ को बाहर निकलवा लिया.

जैसे ही कर्मचारियों ने शक जताया, गैंग ने बंदूक तान दी और वैन का कंट्रोल संभालकर 7 करोड़ 11 लाख रुपये गायब कर दिए. पूरा प्लान इतना सटीक था कि पुलिस को वारदात की सूचना मिलने के बाद एक घंटे तक सभी फैक्‍ट्स का पता लगाने के लिए इधर-उधर घूमती रही.

RBI कर्मचारी बनकर 7.11 करोड़ लूटे
जांच में पता चला कि यह गैंग एक इनोवा कार में आया था, जिस पर गवर्मेंट ऑफ इंडिया मार्किंग और फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी. बदमाशों ने वैन को साउथ एंड सर्किल से डेयरी सर्कल की ओर ले जाकर फ्लाईओवर के बीचों-बीच रोका, वहीं कैश उतारा और फरार हो गए. इलाके में ट्रैफिक कम था, जिससे पूरी वारदात को किसी ने रोकने की हिम्मत नहीं की. दिलचस्प बात यह कि लूटी गई कैश वैन कुछ ही मिनट पहले HDFC बैंक, जेपी नगर से 7.11 करोड़ रुपये लेकर निकली थी और इसे दूसरी ब्रांच पर पहुंचना था. पुलिस के अनुसार, गैंग ने घटना के समय स्टाफ के मोबाइल छीन लिए थे, जिसके कारण सूचना देर से मिली. लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि CMS एजेंसी के कर्मचारी घटना के बाद लंबे समय तक क्यों गायब रहे और उन्होंने पुलिस को सबसे पहले सूचना क्यों नहीं दी. यह भी संदिग्ध है कि दो सुरक्षा गार्डों के पास हथियार थे, फिर भी उन्होंने एक भी राउंड फायर नहीं किया.

लावारिस मिली इनोवा कार
पुलिस को इनोवा कार का ट्रैक CCTV फुटेज से मिला, जिसमें वह डेयरी सर्किल से होकर डोमलुर, इंदिरानगर और ओल्ड मद्रास रोड पहुंचती दिखती है. कार को दोपहर 3:10 बजे भट्टरहल्ली के पास आखिरी बार स्पॉट किया गया. पुलिस को शक है कि गैंग ने आगे होसकोटे की दिशा पकड़ी और संभवतः तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश की ओर निकल गया. इसलिए शहर की सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है.

कैश वैन के चारों कर्मचारियों से पूछताछ जारी
उधर, CMS के चारों स्टाफ दो गार्ड, ड्राइवर और कैश हैंडलर से सिद्दापुर थाने में गहन पूछताछ की जा रही है. फॉरेंसिक टीम ने वैन और हथियारों से फिंगरप्रिंट उठाए हैं. इन सबके बीच पुलिस इस मामले को एक इनसाइड टिप-ऑफ की संभावना से भी जोड़कर देख रही है क्योंकि वारदात का टाइम, लोकेशन और मूवमेंट सबकुछ असाधारण रूप से सटीक था. फिलहाल 7.11 करोड़ रुपये और ‘स्पेशल 26’ स्टाइल गैंग फरार हैं. पुलिस ने संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर दी हैं और पूरे रूट की CCTV फुटेज खंगाली जा रही है.

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