फादर्स डे सिर्फ अपने पिता को सम्मान देने और उपहार देने का दिन नहीं है, बल्कि यह उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के बारे में सोचने का भी अच्छा अवसर है. वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पिता समय रहते सही निवेश योजना अपनाएं, तो वे न केवल अपनी रिटायरमेंट की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मजबूत आर्थिक विरासत छोड़ सकते हैं. म्यूचुअल फंड इस लक्ष्य को हासिल करने का एक प्रभावी माध्यम माना जा रहा है.

जल्दी शुरुआत से मिलता है बड़ा फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक स्वतंत्रता की योजना जितनी जल्दी शुरू की जाए, उतना बेहतर होता है. निवेश की दुनिया में कंपाउंडिंग की ताकत सबसे बड़ा हथियार है. इसका मतलब है कि निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाता है और समय के साथ निवेश तेजी से बढ़ता है.

वित्तीय योजनाकार शिवम पाठक का कहना है कि 20 से 30 वर्ष की उम्र के बीच निवेश शुरू करने वाले लोगों को सबसे अधिक फायदा मिलता है. नियमित SIP के जरिए छोटीछोटी रकम भी लंबे समय में बड़ा फंड तैयार कर सकती है.

पीढ़ियों के लिए संपत्ति बनाने का सही तरीका

अगर लक्ष्य सिर्फ रिटायरमेंट नहीं बल्कि बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए संपत्ति तैयार करना है, तो निवेश का नजरिया लंबी अवधि का होना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे लक्ष्यों के लिए इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड बेहतर विकल्प हो सकते हैं.

ZFunds के सहसंस्थापक और CEO मनीष कोठारी के मुताबिक, 2030 साल के निवेश लक्ष्य में सबसे बड़ा जोखिम बाजार की अस्थिरता नहीं, बल्कि महंगाई है. इसलिए निवेशकों को लंबे समय तक इक्विटी में बने रहना चाहिए. लार्जकैप, फ्लेक्सीकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप फंड का संतुलित मिश्रण लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है.

रिटायरमेंट प्लानिंग में न करें ये गलतियां

विशेषज्ञों का कहना है कि कई पिता अपने बच्चों की पढ़ाई, शादी और अन्य जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए अपने रिटायरमेंट की योजना को नजरअंदाज कर देते हैं. इसके अलावा, पूरा पैसा सिर्फ फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे सुरक्षित विकल्पों में रखना, बाजार में गिरावट आने पर SIP बंद कर देना और रिटायरमेंट फंड को अन्य जरूरतों में खर्च करना भी बड़ी गलतियां हैं.

विशेषज्ञ याद दिलाते हैं कि बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए लोन मिल सकता है, लेकिन रिटायरमेंट के लिए कोई लोन उपलब्ध नहीं होता.

बच्चों को दें वित्तीय शिक्षा की विरासत

पिता अपने बच्चों को सिर्फ धन ही नहीं, बल्कि सही वित्तीय आदतें भी दे सकते हैं. बचत, निवेश, बजट बनाना और जरूरत व इच्छा के बीच अंतर समझाना ऐसे सबक हैं, जो बच्चों को जीवनभर फायदा पहुंचाते हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पिता जल्दी निवेश शुरू करें, नियमित रूप से निवेश करते रहें और बच्चों को वित्तीय अनुशासन सिखाएं, तो वे न केवल अपनी आर्थिक आजादी सुनिश्चित कर सकते हैं बल्कि परिवार की आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर सकते हैं.