हिमाचली खबर: रोजाना सुबह उटकर सबसे पहला काम जो लोग करते हैं वो है ब्रश करना। दांतों की सफाई के लिए लोग अलग अलग तरह के टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि टूथपेस्ट के नीचे की साइड पर एक कलर बार दिया होता है। अलग अलग टूथपेस्ट पर अलग अलग रंग के कलर दिए गए होते हैं। क्या आपको मालूम है कि इन रंगीन पट्टियों का मतलब क्या होता है। ये कलर बार किस बात का संकेत देते हैं। चलिएजानते हैं।

टूथपेस्ट ट्यूब के नीचे बनी काली, हरी, लाल, ब्लू रंगीन पट्टियों का क्या मतलब होता है?​
टूथपेस्ट ट्यूब के नीचे बनी काली, हरी, लाल, ब्लू रंगीन पट्टियों का क्या मतलब होता है?​

क्या है भ्रम
व्हाट्सएप और फेसबुक पर अक्सर एक मैसेज वायरल होता है, जिसमें इन पट्टियों के बारे में बताया जाता है। 

  • हरा रंग: टूथपेस्ट पूरी तरह प्राकृतिक है।
  • नीला रंग: प्राकृतिक + दवा युक्त।
  • लाल रंग: प्राकृतिक + केमिकल का मिश्रण।
  • काला रंग: पूरी तरह से केमिकल युक्त ।

लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह पूरी तरह से गलत है। किसी भी टूथपेस्ट की ट्यूब पर बनी इन पट्टियों का पेस्ट की सामग्री से कोई लेनादेना नहीं होता।

अलग अलग रंगो की पट्टियों का असली सच
टूथपेस्ट ट्यूब पर इन रंगीन पट्टियों को तकनीकी भाषा में “आई मार्क” या “कलर मार्क” कहा जाता है। इनका उद्देश्य उपभोक्ता को जानकारी देना नहीं, बल्कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान मशीनों को निर्देश देना होता है।

मशीनें कैसे काम करती हैं?
टूथपेस्ट बनाने वाली फैक्ट्रियों में ट्यूब एक लंबी पट्टी के रूप में तैयार की जाती हैं। जब इन ट्यूबों को भरने और काटने की बारी आती है, तो हाईस्पीड मशीनें इनमें पेस्ट भरती हैं। ट्यूब बनाने वाली मशीन में लगे ‘ऑप्टिकल सेंसर’ इन पट्टियों को पहचानते हैं। यह निशान सेंसर को बताता है कि ट्यूब का सिरा कहां खत्म हो रहा है, ताकि मशीन उसे सही जगह से काटकर सील कर सके। यह पट्टी मशीन को यह भी बताती है कि ट्यूब को किस तरफ से मोड़ना है।

रंग अलगअलग क्यों होते हैं?
अगर इन पट्टियों का मतलब एक ही है, तो इनके रंग अलगअलग क्यों होते हैं? इसके पीछे भी एक तकनीकी कारण है।

सेंसर को ‘आई मार्क’ पढ़ने के लिए कंट्रास्ट की जरूरत होती है। ट्यूब जिस रंग की होती है, उसके विपरीत रंग का चुनाव किया जाता है ताकि सेंसर उसे आसानी से पहचान सके। अगर ट्यूब का रंग हल्का है, तो डार्क रंग जैसे काला या नीला इस्तेमाल किया जाता है। रंग का सेलेक्शन अक्सर पैकेजिंग की डिजाइन और ब्रांडिंग के आधार पर किया जाता है। अगर कंपनी की पैकेजिंग में लाल रंग ज्यादा है, तो वे लाल पट्टी चुनते हैं ताकि प्रिंटिंग के दौरान अतिरिक्त रंगों की जरूरत न पड़े।