8 साल से लापता बेटा हिमाचल की गौशाला में क्या कर रहा था? पुलिस जांच में खुला ऐसा राज कि पिता की आंखें भर आईं

फिल्मों में आपने बचपन में बिछड़े बेटे को सालों बाद मिलने की कहानियां देखी होंगी, लेकिन हकीकत में ऐसी कहानी कम ही देखने को मिलती हैहिमाचल प्रदेश में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।

महाराष्ट्र से करीब 8 साल पहले लापता हुआ युवक जयेश, अचानक शिमला जिले की एक गौशाला में मिला। जिस बेटे को परिवार मरा हुआ मान चुका था, वही बेटा जिंदा सामने खड़ा था।

2018 में अचानक लापता हुआ था जयेश

जयेश बोदाडे वर्ष 2018 में अपनी मां और भाई के साथ घर से निकला था, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा। उसके पिता सुधाकर बोदाडे ने अकोला के खदान पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
परिवार ने सालों तक हर जगह तलाश की, लेकिन जयेश का कोई सुराग नहीं मिला।

भटकते-भटकते पहुंचा हिमाचल

घर से बिछड़ने के बाद जयेश अलग-अलग जगहों पर भटकता रहा। आखिरकार वह रामपुर बुशहर पहुंचा। पेट पालने के लिए उसने वहां एक गौशाला में काम करना शुरू कर दिया। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। पहाड़ों की शांति उसे सुकून देने लगी, लेकिन परिवार से दूरी बनी रही।

पुलिस जांच में खुला 8 साल पुराना राज

एक दिन हिमाचल पुलिस बाहरी मजदूरों की रूटीन जांच कर रही थी। जयेश के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला, जिस पर पुलिस को शक हुआ। पूछताछ में उसने खुद को महाराष्ट्र का बताया।
इसके बाद पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले और अकोला पुलिस से संपर्क किया। तभी पता चला कि यह युवक 8 साल से लापता है।

वीडियो कॉल पर बेटे को देख फूट-फूटकर रो पड़े पिता

पुलिस ने तकनीक का सहारा लेते हुए जयेश की वीडियो कॉल उसके पिता सुधाकर से करवाई।
मोबाइल स्क्रीन पर बेटे का चेहरा देखते ही पिता अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने तुरंत पहचान लिया कि यही उनका खोया हुआ बेटा है।

14 जनवरी को सुधाकर शिमला पहुंचे। पुलिस स्टेशन में पिता और बेटे का मिलन ऐसा था, जिसे देखकर हर आंख नम हो गई।
जयेश ने बताया कि उसे पहाड़ों की जिंदगी पसंद है, लेकिन अब वह अपने पिता के साथ घर लौटने को तैयार है।

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