हिमाचली खबर: Hanuman Jayanti Kyon Do Baar: भगवान हनुमान ऐसे देवता हैं, जिन्हें शारीरिक शक्ति, दृढ़ता और भक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।  हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, जो भी भक्त सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा से उनकी पूजा करता है, उसे हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जहा उत्‍तर भारत में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है। वहीं, अब दक्षिण भारत में 12 मई 2026 को ज्‍येष्‍ठ कृष्‍ण दशमी को हनुमान जयंती मनाई जाएगी।

Hanuman Jayanti: 2026 में 12 मई को ये दूसरी बार हनुमान जयंती क्यों? जानिए क्या है मामला​
Hanuman Jayanti: 2026 में 12 मई को ये दूसरी बार हनुमान जयंती क्यों? जानिए क्या है मामला​

कब है तेलुगू हनुमान जयंती ?

ज्येष्ठ कृष्ण दशमी तिथि यानी 12 मई को हनुमान जयंती प्रमुख रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मनाई जाएगी। इस अवसर पर यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है। बजरंगबली को वडापप्पू , पनाकम और सिंदूर अर्पित किया जाता है।

हनुमान दीक्षा: 41 दिनों का कठिन व्रत

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में राज्यों में 41 दिनों का कठिन व्रत रखा जाता है, जिसे हनुमान दीक्षा कहा जाता है। यह व्रत चैत्र पूर्णिमा से शुरू होकर ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की दशमी को समाप्त होता है। उत्तर भारत में इसी चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है।

साधना और नियमों का पालन

इन 41 दिनों के दौरान साधक केसरिया वस्त्र पहनते हैं, हनुमान दीक्षा माला धारण करते हैं, ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। वे पूरे समय और “जय हनुमान” मंत्र का जाप करते हैं। कई साधक इस अवधि में मंदिरों में रहकर सेवा करते हैं, जबकि कुछ नंगे पैर रहकर कठोर साधना करते हैं।

हनुमान जयंती की तिथियां अलग क्यों होती हैं?

की तिथियों में अंतर इसलिए देखा जाता है क्योंकि अलगअलग परंपराओं में इसे भिन्न घटनाओं से जोड़ा गया है। कुछ स्थानों पर इसे हनुमान जी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जबकि कुछ मान्यताओं के अनुसार जिस दिन उन्हें माता सीता से अमरता का वरदान मिला था, उस दिन को भी उनका जन्मोत्सव माना जाता है।

हनुमान जी को चिरंजीवी माना जाता है और मान्यता है कि वे आज भी गंधमादन पर्वत पर निवास करते हैं। इसी कारण उनके लिए “जयंती” के बजाय “जन्मोत्सव” शब्द का प्रयोग अधिक किया जाता है।