
ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को हिंदू धर्म में विशेष माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र महीने के एक मंगलवार को ही भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। यह पर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह आपसी प्रेम और सेवा भाव को भी दर्शता है। इस बार अधिक मास होने के कारण अबकी बार ज्येष्ठ माह में कुल 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं। बड़े मंगल को भगवान हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग के बारे में जानें।
8 बड़े मंगल की तिथियां
पहला बड़ा मंगल: 5 मई
दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई
तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई
चौथा बड़ा मंगल: 26 मई
पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून
छठा बड़ा मंगल: 9 जून
सातवां बड़ा मंगल: 16 जून
आठवां बड़ा मंगल: 23 जून
बड़े मंगल पर हनुमान जी के प्रिय भोग
बूंदी के लड्डू हनुमान जी को बूंदी का लड्डू सबसे प्रिय है। माना जाता है कि इसे चढ़ाने से ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
बेसन के लड्डू शुद्ध देसी घी में बने बेसन के लड्डू हनुमान जी को अर्पित करने से जातक को सुखसमृद्धि की प्राप्ति होती है।
इमरती और जलेबी इस दिन भक्तजन केसरिया इमरती का भोग लगाते हैं, जो बजरंगबली को काफी पसंद है।
तुलसी दल हनुमान जी के भोग में तुलसी दल जरुर डालें, क्योंकि इसके बिना हनुमान जी भोग स्वीकार नहीं करते।
पान का बीड़ा कामों में सफलता के लिए हनुमान जी को मीठा पाना अर्पित करना शुभ होता है।
रोट का भोग गेंहूं के आटे, गुड़ और घी से बना रोट बड़े मंगल पर हनुमान जी को अर्पित कर सकते हैं।
बड़े मंगल का धार्मिक महत्व
पौराणिक कथाओं के मुताबिक, त्रेतायुग के समय जब हनुमान जी प्रभु राम से पहली बार मिलें थे, तब ज्येष्ठ मास का मंगलवार ही था। इसके अतिरिक्त, इसी समय में बजरंगबली ने महाबली भीम का अहंकार एक वृद्ध वानर का रुप धारण कर तोड़ा था, इसलिए इसे ‘बुढ़वा मंगल’ के रुप में पूजा जाता है। कहा जाता है कि इस समय के दौरान दानपु्ण्य करने और भंडारा करने से सुखसमृद्धि मिलती है और दोगुना फल प्राप्त होता है।
ये उपाय करें
बड़े मंगल के दिन सिर्फ मंदिर जाना उचित नहीं है, इसकी जगह जरुरतमंदों को पानी पिलाना और भोजन कराना हनुमान जी की सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है। अपने श्रद्धा के अनुसार जितना दानपुण्य करें, उतना ही श्रेष्ठ माना जाता है।



