Ram Mandir Donation: अयोध्या में श्री राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान और खर्च का हिसाब सार्वजनिक किया है। 

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी की अफवाहों को खारिज करते हुए ट्रस्ट कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के आभूषण मीडिया के सामने पेश किए। उन्होंने कहा कि मीडिया में जिन वस्तुओं की चोरी की चर्चाएं हो रही थीं, उन्हें मीडिया के सामने सार्वजनिक किया है।

ट्रस्ट के पास 2926 वस्तुओं का संग्रह सुरक्षित

ट्रस्ट कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि स्वर्णांकित रामतीर्थ मानस की पोथी सुरक्षित है। बड़ा कंठा हार, चरण चिह्न अंकित पादूका सुरक्षित है। 2926 वस्तुओं का संग्रह सुरक्षित रखा है। उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी दानदाता को दान की गई वस्तुओं का अवलोकन करना हैं तो वह अपने द्वारा जरूरी प्रमाण रसीद दिखाकर वस्तु देख सकता हैं।

काउंटर पर भेंट देने वाले दानदाता को दी रसीद

उन्होंने आगे बताया कि काउंटर पर भेंट देने वाले या दानदाता का विवरण देने वाले सभी भक्तों को बाकायदा रसीद दी गई है। ट्रस्ट ने अपील की है कि कभी भी समय तय करके अयोध्या आ सकते हैं। रामलाल के दर्शन के साथ अपनी दी हुई भेंट का भौतिक सत्यापन कर सकते हैं।

#WATCH | Ayodhya, Uttar Pradesh: Swami Govind Dev Giri Ji Maharaj, Treasurer of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, displays ornaments of Shri Ram Janmbhoomi Temple. pic.twitter.com/j3o0HQodk3

— ANI July 6, 2026

3264 करोड़ में से 2370 करोड़ निर्माण पर खर्च

प्रेस रिलीज कर ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि निधि समर्पण और कॉपर्स दान से 3264 करोड़ रुपए मिले, जिसमें से 2370 करोड़ रुपए निर्माण में खर्च हुए। 31 मार्च 2026 तक 582 करोड़ का कुल चढ़ावा आया था। चांदी को सरकारी टकसाल में गलाकर सुरक्षित रखा गया है।

चांदी गलाने से पहले वस्तुओं का फोटोवजन दर्ज

कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि दान में मिली चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल में गला कर छड़ें बना दी गई हैं। गलाने से पहले उनका फोटो और वजन दर्ज है। टकसाल से चांदी की शुद्धता और वजन के प्रमाण पत्र भी ट्रस्ट के पास मौजूद हैं।

2926 वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड, इसमें सोनाचांदी

नकद राशि के अलावा, भक्तों ने रामलाल को 2926 वस्तुएं भेंट की हैं। यह सभी भेंट तारीख अनुसार और पूरे विवरण के साथ ट्रस्ट के रजिस्टर में दर्ज हैं।

हर साल वस्तुराशि का हो रहा ऑडिट

राम मंदिर को मिले दान की सभी वस्तुओं का हर साल ऑडिट किया जा रहा है। जिसके लिए एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है।