Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज सोमवार 7 जुलाई को महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई है। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी हेराफेरी के मामले की जांच जारी है। बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी फैसलों की जानकारी दे रहे हैं।

CEO नियुक्त करने पर सदस्यों की असहमति
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की मीटिंग में काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह राम मंदिर में CEO नियुक्त करने पर चर्चा हुई, लेकिन सदस्यों ने इस मॉडल को मानने से इनकार कर दिया।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर होगा ?
बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लेना होगा। सूत्र बता रहे हैं कि उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है, फिलहाल आधिकारिक घोषणा बाकी है। दान चोरी के मामले में नाम सामने आने के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया था। यदि ट्रस्ट उनके इस्तीफे स्वीकार करता है, तो नए प्रशासनिक ढांचे और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर भी चर्चा की जाएगी।
बैठक स्थल से सेवादार और गार्ड हटाए गए
सूत्रों के अनुसार, जिस स्थान पर ट्रस्ट की बैठक चल रही है, वहां से सेवादारों और सुरक्षा गार्डों को हटा दिया गया है, ताकि बैठक में हुई चर्चा गोपनीय बनी रहे।
SIT जांच पर ट्रस्ट ने जताया भरोसा
सूत्रों के मुतबैक, बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों ने SIT जांच पर भरोसा जताया। उनका कहना था कि इस घटना से देशभर में गलत संदेश गया है और रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।अगर इसे टीवी न्यूज़ या वेब कॉपी के लिए और छोटा करना हो, तो मैं वह भी तैयार कर सकता हूँ।
अनिल मिश्रा को पद से हटाने पर सहमतिसूत्र
सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी और वित्तीय हेरफेर के आरोपों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को हटाने पर सहमति बन गई है। साथ ही अनिल मिश्रा के इस्तीफे की मंजूरी पर सहमति मिल गई है।
बैठक में ट्रस्ट में बदलाव की बात
चढ़ावा चोरी मामले में जारी ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों ने नाराज़गी जताई। साथ ही बैठक में ट्रस्ट में बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई।
कौन हैं चंपत राय?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक जारी
#WATCH राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के बाद अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक चल रही है।
अयोध्या से राम जन्मभूमि मंदिर की वीडियो। pic.twitter.com/hMusq0dbME
— ANI_HindiNews July 6, 2026
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक जारी है। बैठक में ट्रस्ट के कई सदस्य, पदाधिकारी और आमंत्रित सदस्य विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शुरू
#WATCH अयोध्या: दान में कथित हेराफेरी की बात सामने आने के बाद बुलाई गई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास राम मंदिर पहुंचे। pic.twitter.com/HrEUPjdxkp
— ANI_HindiNews July 6, 2026
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास कर रहे हैं, जबकि कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ट्रस्ट के एजेंडे को सदस्यों के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। इस बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए हैं। बैठक में ट्रस्ट के सदस्य विश्वतीर्थ प्रसन्नाचार्य, स्वामी परमानंद गिरी, जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, कृष्ण मोहन, महंत दिनेंद्र दास और पदेन सदस्य अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी मौजूद हैं। वहीं, विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में विश्व हिंदू परिषद के दिनेश चंद्र और महंत कमल नयन दास भी बैठक में शामिल हुए हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन, उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे और राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े हुए हैं। बैठक में ट्रस्ट से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में शामिल होने पहुंचे चंपत राय
राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक में हिस्सा लेने के लिए महासचिव चंपत राय अयोध्या स्थित मंदिर परिसर पहुंच गए हैं। बैठक में ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर भी विचार होने की संभावना है।
चंपत राय और अनिल मिश्र की होगी छुट्टी?
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर अहम फैसला लिया जा सकता है। दोपहर 3 बजे श्रीरामजन्मभूमि परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र में आयोजित होने वाली इस बैठक में ट्रस्ट के अधिकांश सदस्यों के शामिल होने की संभावना है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में CBI जांच की मांग खारिज
राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने अदालत से मांग की थी कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को जांच सौंपी जाए। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विनोद शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि इसी मुद्दे से जुड़ी एक याचिका पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में इस मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप का औचित्य नहीं बनता।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास का बयान
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक से पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने एक पत्र जारी कर चढ़ावा चोरी के मामले पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।अपने पत्र में महंत नृत्य गोपाल दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा जताते हुए लिखा कि उन्हें विश्वास है कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जो भी लोग इस कृत्य में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। महंत नृत्य गोपाल दास ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण पर अनावश्यक राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने सभी से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच होने दें और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होने का इंतजार करें।
सभी 14 ट्रस्टियों को भेजा गया निमंत्रण
ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए सभी 14 ट्रस्टियों को निमंत्रण भेजा गया है और उम्मीद है कि सभी सदस्य इसमें शामिल होंगे।
बैठक में ये बड़े सदस्य रह सकते हैं मौजूद
बैठक में पदेन सदस्यों के रूप में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हो सकते हैं। वहीं, वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़ सकते हैं।
SIT जांच और वित्तीय रिपोर्ट पर भी होगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में चढ़ावे से जुड़ी कथित हेराफेरी की जांच कर रही एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के भविष्य के प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्था और 202526 वित्तीय वर्ष की बिना ऑडिट वाली आयव्यय रिपोर्ट, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
नए CEO की नियुक्ति पर भी बन सकती है सहमति
बैठक में राम मंदिर के प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। ट्रस्ट में फिलहाल 11 नियमित सदस्य हैं। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद ट्रस्ट में उपाध्यक्ष का पद भी खाली है।
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जांच जारी, लेकिन किसी पर FIR नहीं
दान हेराफेरी के कथित मामले में फिलहाल एसआईटी और पुलिस समानांतर जांच कर रही हैं। जांच के दौरान चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी भी ट्रस्ट सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आज की यह बैठक न सिर्फ ट्रस्ट के प्रशासनिक भविष्य, बल्कि राम मंदिर के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर भी काफी अहम मानी जा रही है।
जानिए अब तक क्याक्या हुआ
7 जून :
7 जून को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले को हवा देते हुए योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनकी ‘डबल इंजन’ सरकार, ड्रोन और दूरबीन सही से काम कर रहे होते, तो विपक्ष को सवाल उठाने का मौका ही नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि आस्था के पैसे में चोरी गंभीर चिंता का विषय है।
इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी इस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर दान की चोरी बेहद गंभीर है। इसकी पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
10 जून:
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कानपुर दौरे के दौरान चंदा चोरी की बातें सामने आने की बातों को स्वीकारा। उन्होंने साफ किया कि सरकार इसकी जांच करवा रही है और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
13 जून :
13 जून को मामले को बढ़ता देख सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 3 सदस्यों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन हुआ।
14 जून :
मंदिर के दान पेटी से निकले कैश की गिनती से जुड़े एक कर्मचारी के घर पर गोबर में दबे 10 लाख रुपए कैश मिले। इसके बाद मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।
1718 जून :
इस पूरे मामले में पहला और सबसे बड़ा नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का सामने आया। टिन्नू पहले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर थे और अब उनके सहयोगी बताए जाते हैं। आरोप है कि बीते कुछ सालों में उन्होंने अयोध्या और लखनऊ में करीब 50 करोड़ रुपये की चलअचल संपत्ति खड़ी कर ली है। राम मंदिर से महज डेढ़ किलोमीटर दूर उनका पुश्तैनी घर है, जहां जांच एजेंसी द्वारा सोना बरामद करने की भी खबर आई।
22 जून :
अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में जनहित याचिका दाखिल की गई। जिसमें सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच और कैग ऑडिट की मांग की गई है।
23 जून:
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मंगलवार सुबह अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी।
24 जून:
अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय से भेजी गई।
25 जून:
दान चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है।
26 जून :
26 जून को चंपत राय ने इस्तीफा दिया
28 जून :
रविवार 28 जून की सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने जेल में बंद सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की।
29 जून :
राम मंदिर चढ़ावा मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया।
30 जून :
अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद
1 जुलाई :
आरोपी अविनाश के योग केंद्र से ‘रामराज्य कोष’ वाला संदूक मिला।
2 जुलाई :
आरोपियों से होगी संपत्ति की रिकवरी
3 जुलाई :
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर RSS का पहला बयान आया
4 जुलाई :
चंपत राय के इस्तीफे से लेकर SIT रिपोर्ट तक कई बड़े मुद्दों पर चर्चा
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