श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड की सब्सिडियरी एसएमईएल स्टील स्ट्रक्चरल प्राइवेट लिमिटेड ने ओडिशा के संबल में अपनी एल्युमिनियम फायल यूनिट में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है. कंपनी इसकी लंबे समय से तैयारी कर रही थी, जिसका निवेशकों को भी इंतजार था. इस संयंत्र में उत्पादन शुरू होने से भारत की एल्युमिनियम फायल में भारत की आयात पर निर्भरता घटेगी. यही कारण है कि पिछले एक महीने में बीएसई और एनएसई में श्याम मेटोलिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड के शेयरों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है और कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 30 हजार करोड़ रुपये बढ़ा है. खास बात यह है कि पिछले सात में से पांच कारोबारी सत्रों में कंपनी का शेयरों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. शुक्रवार को कंपनी के शेयर 1.75 प्रतिशत गिरकर 1022.05 रुपये प्रति इकाई पर बंद हुए.

6 से 40 माइक्रोन मोटाई वाली प्रीमियमग्रेड फायल बनाएगी कंपनी

एसएमईएल स्टील स्ट्रक्चरल प्राइवेट लिमिटेड के इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 18 हजार टन है. इस संयंत्र में 6 से 40 माइक्रोन मोटाई वाली प्रीमियमग्रेड फायल बनाई जा सकती हैं. कंपनी का एल्युमीनियम फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट्स संयंत्र भी आखिरी चरण में है और सितंबर 2026 तक इनको वाणिज्यिक रूप से लांच किया जा सकता है. इससे वैल्यूएडेड एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स सेगमेंट में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी. एफआरपी सेक्शन की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 60,000 टन प्रतिवर्ष होगी और इसमें 0.3 से 4.0 मिमी तक की मोटाई वाले उत्पादन बनेंगे. इस संयंत्र पर कंपनी लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है.)

आत्मनिर्भर भारत की पहल को मिलेगी मजबूती

वैल्यूएडेड, डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम उत्पादों के क्षेत्र में रणनीतिक कदम उठाना एसएमईएल की उत्पाद विविधीकरण रणनीति का एक अहम हिस्सा है. यह सटीक इंजीनियरिंग वाले और उच्च गुणवत्ता वाले मटीरियल की महत्वपूर्ण घरेलू मांग को पूरा करता है. आयात पर निर्भरता कम करता है और ‘मेक इन इंडिया’ विजन के तहत भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को मजबूत करता है. इन दोनों संयंत्रों के शुरू होने से एसएमईएल के संचालन लाभ में लगभग 4050 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ऐसा बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और प्रोडक्ट से ज्यादा कमाई की वजह से होगा.

तेजी से बढ़ने वाले सेक्टरों की जरूरत पूरी होगी

एसएमईएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बृजभूषण अग्रवाल ने कहा कि संबलपुर संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत वर्ल्डक्लास डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक अहम आपरेशनल माइलस्टोन है. उच्च गुणवत्ता और खास उत्पाद देकर हम तेजी से बढ़ने वाले इकोनामिक सेक्टर की जरूरतों को पूरा करने, कमाई के नए जरिया बनाने और साथ ही ओडिशा में स्थानीय स्तर पर सामाजिकआर्थिक और रोजगार के विकास को बढ़ावा देने की अच्छी स्थिति में हैं.