बड़ी खबर: हिमाचल में मिला करोड़ों का चिट्टा, पंजाबी युवक के पास नशे की खेप देख पुलिस भी रह गई दंग

शिमला के शोघी में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान पकड़ी चिट्टे की खेप

शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे जैसे घातक नशे का कारोबार किस कदर पैर पसार रहा है, इसका एक और उदाहरण राजधानी शिमला से सामने आया है। यहां पुलिस ने शोघी के नजदीक कार्रवाई करते हुए पंजाब के एक व्यक्ति को चिट्टे की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की स्पेशल सेल ने टैक्सी की तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 257 ग्राम चिट्टा बरामद किया।

शिमला पुलिस की स्पेशल सेल नशे की सप्लाई से जुड़े संदिग्ध लोगों पर नजर रख रही थी। इसी अभियान के दौरान टीम ने शोघी के नजदीक एक टैक्सी को जांच के लिए रोका। तलाशी लेने पर उसमें सवार रेशम सिंह के कब्जे से 257 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर नशीले पदार्थ को अपने कब्जे में ले लिया। आरोपी की पहचान 34 वर्षीय रेशम सिंह निवासी अमृतसर, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इस नशीले पदार्थ को शिमला में सप्लाई करने की फिराक में था। मामले की जांच के साथ अब पुलिस की नजर नशे के इस कारोबार से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचने पर है।

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर चिट्टे की इस खेप को शिमला में सप्लाई करने के प्रयास में था। हालांकि, यह नशीला पदार्थ कहां से खरीदा गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था, इसका पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस पूछताछ के जरिए सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी है।

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इस मामले में पुलिस थाना बालूगंज में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने की प्रक्रिया भी की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

शिमला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक जिले में करीब 5.5 किलोग्राम चिट्टा और हेरोइन बरामद की जा चुकी है। पुलिस ने इनकी अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक बताई है। इस आंकड़े में करीब 1.120 किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी बरामदगी भी शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग छह करोड़ रुपये बताई गई थी।

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पुलिस की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की वाणिज्यिक मात्रा में एलएसडी, 16.5 किलोग्राम चरस, 14 किलोग्राम अफीम और छह किलोग्राम पॉपी हस्क भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा भांग और अफीम की अवैध खेती के 10 लाख से अधिक पौधों को नष्ट करने की जानकारी दी गई है। ये आंकड़े जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दायरे को दर्शाते हैं।

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चिट्टे की तस्करी का असर केवल कानूनव्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के स्वास्थ्य, परिवारों और सामाजिक जीवन के लिए भी गंभीर चुनौती है। शोघी के पास हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि नशीले पदार्थ की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। सप्लायरों और उनके संपर्कों की पहचान होने पर ही पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

चिट्टा यानी हेरोइन का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर गंभीर असर डाल सकता है। प्रदेश में नशे की तस्करी से जुड़े मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। शोघी में एक किलो से अधिक चिट्टे की बरामदगी इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करती है। पुलिस की जांच से अब यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इतनी बड़ी खेप के पीछे कौनसा नेटवर्क सक्रिय था और इसकी सप्लाई कहां से संचालित हो रही थी।