जापान के दक्षिणी कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को 6.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। तेज झटकों के बाद काशिमा शहर स्थित एक शॉपिंग मॉल की दूसरी मंजिल ढह गई, जिससे 50 से ज्यादा लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कई लोग घायल हुए हैं।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 4:27 बजे आया। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन करीब एक घंटे बाद इसे वापस ले लिया गया।

भूकंप के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्यूशू द्वीप के 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय प्रसारक NHK की तस्वीरों में कई सड़कों और पुलों में दरारें, इमारतों में आग और अन्य नुकसान दिखाई दे रहे हैं। सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है, जबकि प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

भूकंप में जापान के परमाणु संयंत्र को कोई नुकसान नहीं
जापान की न्यूक्लियर रेगुलेशन अथॉरिटी ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को बताया कि आज आए भूकंप से सेंदाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। IAEA ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “हम हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।”

साल 2011 में 9.1 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी से फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र के तीन रिएक्टरों में गंभीर हादसा हुआ था। इसके बाद से जापान में हर बड़े भूकंप के दौरान परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा पर खास नजर रखी जाती है।

कुमामोटो में 60 से ज्यादा आफ्टरशॉक आए
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, कुमामोटो में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप के बाद अब तक 1 से 4 तीव्रता के 60 से ज्यादा आफ्टरशॉक दर्ज किए गए हैं।

भूकंप प्रभावित इलाके में 3600 सैनिक तैनात
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकइची ने मंगलवार को बताया कि कुमामोटो में राहत और बचाव अभियान के लिए अब तक करीब 3,600 सैन्यकर्मियों को तैनात किया गया है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।

वहीं, जापान जापान सेल्फ डिफेंस फोर्स के 300 जवानों को भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेना स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य, राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित लोगों की मदद में जुटेगी।

पीएम ताकइची ने कहा, ‘भूकंप से बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि हो चुकी है। इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।’