Delhi News: दिल्ली के जंतरमंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाली एक नाबालिग लड़की रुचिका सिंह का माफी मांगते हुए वीडियो सामने आया है. करीब 50 सेकंड के इस वीडियो में रुचिका सिंह हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार करती नजर आ रही है. बता दें कि जंतरमंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में एक दिन पहले नोएडा पुलिस ने इसी रुचिका सिंह के खिलाफ एक्सप्रेसवे थाने में FIR भी दर्ज की थी.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रुचिका सिंह ने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थी. वहां कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद अलगअलग समूहों में बातचीत हो रही थी. रुचिका सिंह का दावा है कि एक इंफ्लूएंसर ने उससे कुछ बोलने के लिए कहा, जिसके बाद उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी कर दी.

वीडियो में रुचिका सिंह ने कहा कि उसे अपनी इस हरकत पर गहरा पछतावा है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। उसने बताया कि वह सिर्फ 15 साल की है और अपनी गलती के लिए देशवासियों से हाथ जोड़कर माफी मांगती है. उसने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगी.

जंतरमंतर प्रदर्शन से जुड़े मामले में दर्ज हुई FIR

बता दें कि 23 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतरमंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने इसी रुचिका सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची. शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह बयान जानबूझकर दिया गया और इसका उद्देश्य सामाजिक वैमनस्य फैलाना व सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करना था.

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने रुचिका सिंह के खिलाफ BNS की धारा 352, 353 और 356 के तहत मामला दर्ज किया है. नोएडा पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, सोशल मीडिया क्लिप और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली सरकार ने भी दिया बयान

इस मामले के बीच दिल्ली सरकार ने कहा है कि जंतरमंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ सामान्य रूप से कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। हालांकि, जिन लोगों के खिलाफ आपराधिक आरोप हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, उन मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी. सरकार ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया गया है तो उसके मामले की समीक्षा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जाएगी.