शेयर बाजार में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब कंपनी के नतीजे बेहद शानदार रहते हैं, लेकिन उसके शेयर में गिरावट देखने को मिलती है. ऐसा ही कुछ कंडोम और हेल्थकेयर प्रॉडक्ट्स बनाने वाली कंपनी क्यूपिड लिमिटेड के साथ हुआ है. चालू वित्तीय वर्ष 202627 की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा तीन गुना बढ़ गया है. इसके बावजूद सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इसके शेयर 2 फीसदी से ज्यादा टूटकर 256.80 रुपये के स्तर पर आ गए.

तिमाही नतीजों में जबरदस्त उछाल

क्यूपिड ने शनिवार को अपने पहली तिमाही के वित्तीय आंकड़े जारी किए. कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के 15 करोड़ रुपये से तीन गुना बढ़कर 44 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. वहीं, परिचालन से होने वाली आय में सालाना आधार पर 159 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह आंकड़ा बढ़कर 155 करोड़ रुपये रहा.

कंपनी की कामकाजी कमाई यानी EBITDA में भी 265 प्रतिशत का उछाल आया और यह 60 करोड़ रुपये हो गई. इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन 1,127 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 39 प्रतिशत पर पहुंच गया. इस प्रदर्शन से साफ है कि कंपनी का मुख्य कारोबार तेजी से आगे बढ़ रहा है.

शेयर का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड

क्यूपिड के शेयरों ने पिछले कुछ समय में निवेशकों को मालामाल किया है. भले ही सोमवार को इसमें गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन पिछले एक हफ्ते में यह शेयर 14 फीसदी और एक महीने में 24 फीसदी चढ़ा है. साल 2026 में अब तक इसने निवेशकों को 150 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है.

लंबी अवधि की बात करें तो यह स्टॉक अपने निवेशकों के लिए सच्चा मल्टीबैगर साबित हुआ है. एक साल में इसने 683 फीसदी का रिटर्न दिया है. तीन साल में 8,923 फीसदी और पांच साल में 10,979 फीसदी की भारीभरकम बढ़त दिखाई है. मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 35,191 करोड़ रुपये से अधिक है.

निर्यात से बढ़ी कमाई

कंपनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय B2B हेल्थकेयर और घरेलू एफएमसीजी कारोबार में मजबूत रफ्तार पकड़ी है. निर्यात पोर्टफोलियो में कम से कम 10 प्रतिशत की कीमत वृद्धि लागू की गई है, जिससे मार्जिन और कमाई में सुधार हुआ है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति से भी निर्यात से मिलने वाली रकम को फायदा पहुंचा है.

क्यूपिड को अपने IVD किट्स पोर्टफोलियो के लिए भारत के कई राज्य सरकारों से बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर CE सर्टिफिकेशन मिलने के बाद नए दरवाजे खुले हैं. कई ठेके अंतिम दौर में हैं, जिससे निकट भविष्य में कंपनी की ग्रोथ को मजबूती मिलेगी.

शेयर में क्यों आई गिरावट?

शानदार नतीजों के बावजूद शेयरों में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ‘मुनाफावसूली’ है. दरअसल, क्यूपिड का शेयर पिछले एक साल में ही 680 फीसदी से ज्यादा का छप्परफाड़ रिटर्न देकर निवेशकों को पहले ही मालामाल कर चुका था. शेयर बाजार में अक्सर बड़े निवेशक ‘अफवाह पर खरीदो और खबर आने पर बेचो’ की रणनीति अपनाते हैं. चूंकि बाजार को अच्छे नतीजों का अंदाजा पहले से था, इसलिए जैसे ही बंपर मुनाफे की खबर पक्की हुई, निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदे गए अपने शेयर बेचकर प्रॉफिट पक्का करना शुरू कर दिया. लगातार महीनों तक रॉकेट की तरह भागने वाले किसी भी शेयर में इस तरह का हल्का करेक्शन आना शेयर बाजार की एक बेहद सामान्य और स्वस्थ प्रक्रिया मानी जाती है. कंपनी के बुनियादी कामकाज में कोई दिक्कत नहीं है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.