हिमाचली खबर: Sangli Crime News: अभी कुछ ही समय पहले पूरा महाराष्ट्र नासिक के कुख्यात जालसाज अशोक खराद के घिनौने कारनामों को देखकर दहल उठा था, जिसने कई महिलाओं का यौन शोषण कर उनके भरोसे का कत्ल किया था. अभी लोग उस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि सांगली के वीटा इलाके से अंधविश्वास और दरिंदगी की एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है. यहां कदेश्वर धाम के तीन भोंदू बाबाओं ने एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया है.

‘तुम नागिन और संकेतबाबा नाग, इसलिए…’, नाबालिग को डराकर सांगली में तीन भोंदू बाबाओं ने किया गैंगरेप​
‘तुम नागिन और संकेतबाबा नाग, इसलिए…’, नाबालिग को डराकर सांगली में तीन भोंदू बाबाओं ने किया गैंगरेप​

इन पाखंडी बाबाओं ने अंधविश्वास का ऐसा खौफनाक जाल बुना कि लड़की को कहा, “तुम पिछले जन्म में नागिन थीं और संकेतबाबा नाग थे, इसलिए इस जन्म में तुम्हारा उनसे विवाह होना तय है.” इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता को यह कहकर भी डराया कि वह पिछले जन्म से एक डायन है. इस मामले में वीटा पुलिस ने तीनों भोंदू बाबाओं के खिलाफ पॉक्सो और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

रसूख का धौंस दिखाकर किया आर्थिक और शारीरिक शोषण

पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि इन जालसाजों ने खुद का बड़ेबड़े रसूखदार लोगों से संपर्क होने का दावा किया था. इस प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्होंने पीड़िता के परिवार का विश्वास जीता. इसके बाद पूजापाठ, हवन और दोष निवारण के नाम पर आरोपियों ने पीड़िता के पिता से करीब साढ़े चार लाख रुपये की मोटी रकम भी ऐंठ ली.

वारदात का वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

इन ढोंगियों की दरिंदगी सिर्फ बलात्कार तक ही सीमित नहीं रही. पुलिस जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तीनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ किए जा रहे अत्याचारों का बकायदा वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था. इस वीडियो के बूते आरोपी पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे. वे वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर बारबार उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करते रहे.

तीनों पाखंडी बाबा गिरफ्तार

पीड़िता की शिकायत और पुलिस की मुस्तैदी के बाद इस घिनौने रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने कदेश्वर धाम के मुख्य आरोपियों महेश मोहन बाबर, संकेत संदीप निकम और सूरज उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है. वीटा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और वित्तीय धोखाधड़ी के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले के अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है.