Online Weight Loss Scam: वजन बढ़ना आज के समय में एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। मॉडर्न लाइफ स्टाइल और गलत व मिलावटी खानपान इसका मुख्य कारण है। एक्सपर्ट के अनुसार, सही नींद, संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और रोजाना व्यायाम अपनाकर वजन को कम किया जा सकता है।

लेकिन वजन घटाने के नाम पर इंटरनेट पर कई तरह की ठगी भी चल रही है। आपकी समस्या का फायदा उठाकर कई लोग घोखाधड़ी कर रहे हैं। वजन कम कराने के नाम पर लोगों से मोटे पैसे वसूले जा रहे हैं। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इस तरह के साइबर लुटेरों से कैसे बचें, इस लेख में हम इसी पर चर्चा करेंगे।

इन शब्दों पर कभी न करें यकीन

वजन न तो एक दिन में घटता है और न ही एक दिन में बढ़ता है। इसलिए जब भी कोई आपसे कहे कि 100% रिजल्ट, मनी बैक गारंटी, बिना डाइटएक्सरसाइज के वजन घटाएं, तो समझ लें कि यह झूठ है, जो भी इस इंडस्ट्री में वास्तव में जुड़ा है, वह कभी इस तरह की गारंटी नहीं देता है।

वेटलॉस स्कैम

ऑनलाइन डायटीशियन

याद रखिए, जो भी वास्तव में डायटीशियन या इस पेशे से जुड़े लोग हैं, वो सबसे पहले आपकी, ब्लड रिपोर्ट, लाइफस्टाइल संबंधित सवाल पूछेंगे। बैलेंस्ड मील सजेस्ट करेंगे। हफ्ते में 1/2 किलो से ज्यादा को मना करेंगे। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। सिर्फ फोटो देखकर दवा भेजने वाला डॉक्टर नहीं बल्कि दुकानदार होता है, जिसका मकसद प्रोडक्ट बेचकर पैसे कमाना होता है। फर्जीवाड़े से बचने के लिए हमेशा डिग्री मांगिए, रजिस्ट्रेशन नंबर चेक कीजिए।

 जब ढाई हज़ार की दवा 11 लाख की बन जाए

हमेशा ठगी की शुरुआत छोटी रकम से होती है और फिर वह धीरेधीरे बढ़ने लगती है। पहले छोटी रकम से शुरू कर मजबूर कर दिया जाएगा, जिसके बाद आप अधिक पैसा देने को विवश हो जाएंगे। उनकी बोलचाल ऐसी होती है, जो आपको ट्रैप में फंसाती चली जाएंगी। महिलाएं अक्सर इस ट्रैप में फंसती चली जाती हैं। अगर कोई हर महीने लाखों की दवा बता रहा है तो यह भी फ्रॉड का संकेत है।

वेटलॉस स्कैम

इनसे बचने के उपाय

  • वजन घटाना है तो फैमिली डॉक्टर या एमबीबीएस डायटीशियन से संपर्क करें। सोशल मीडिया या इंस्टाग्राम रील देखकर किसी पर भरोसा न करें और न ही कोई दवा खरीदें।
  • अगर कोई कंपनी सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट, कैश या पर्सनल अकाउंट में पैसे मांगे तो रुक जाएं। ठग अक्सर कहते हैं आपकी सहेली ने भी ली और 15 किलो वजन घटाया। ऐसे में बिना अपनी सहेली से कंफर्म किए भरोसा न करें।
  • FSSAI पर जाकर नंबर की जांच करें। कोई भी हर्बल, आयुर्वेदिक दवा FSSAI अप्रूव्ड होनी चाहिए। पैकेट पर लाइसेंस नंबर देखें, वेबसाइट पर वेरीफाई करें।
  • अगर गलती से आप इस ट्रैप का शिकार हो गए हैं, तो चुप न बैठें। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1915 पर कॉल करें।