
UP Crime: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों के एक शातिर जाल ने एक हंसते-खेते युवक की जान ले ली. दो महीने पहले शामली के किवाना गांव के रहने वाले परीक्षित मलिक ने जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस की गहन छानबीन के बाद इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
कैसे बुना गया था हनीट्रैप का जाल?
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 अगस्त को परीक्षित मलिक का शव खंडरावली के जंगल में पेड़ से लटका हुआ मिला था. जांच में पता चला कि परीक्षित एक सोची-समझी साजिश के तहत हनीट्रैप का शिकार हो गया था.
परीक्षित के मोबाइल पर फिलीपींस के एक नंबर से कॉल आई थी, जिसके जरिए उसकी बातचीत एक लड़की से शुरू हुई. शातिर बदमाशों ने इस दौरान परीक्षित की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लीं. इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल.
एआई तकनीक का इस्तेमाल कर बदलता था आवाज
जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे गैंग का संचालन गुड़गांव (हरियाणा) के आईएमटी मानेसर में रह रहा आशीष कुमार कर रहा था, जो मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है.
आरोपी बेहद शातिर था. वह फोन पर लोगों से बात करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से महिलाओं जैसी आवाज निकालता था. फिलीपींस की लड़कियों के नाम और माध्यम से वीडियो हासिल करने के बाद, यह गैंग पीड़ितों को उनकी न्यूड वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर परिवार के सदस्यों को भेजने की धमकी देकर लगातार पैसे ऐंठता था.
परीक्षित से की गई थी पैसों की वसूली
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सबसे पहले परीक्षित से 2,000 रुपये और फिर 1,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए. इसके बाद भी उनकी पैसों की डिमांड लगातार बढ़ती गई. जब आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी और दबाव बढ़ा दिया, तो मानसिक रूप से टूट चुके परीक्षित ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया.
परीक्षित के पिता गजेंद्र सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए एक अन्य व्यक्ति और बैंक अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए थे. पुलिस का कहना है कि पिता द्वारा दी गई इस शिकायत के अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से जांच की जा रही है.
पुलिस अधीक्षक की अपील: सतर्क रहें
इस घटना के बाद शामली पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है कि अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल या अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर जुड़ने से बचें. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें या वीडियो शेयर न करें. यदि आप कभी भी साइबर ब्लैकमेलिंग या ठगी का शिकार होते हैं, तो घबराएं नहीं. तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं.



