मंगलवार को हुई तेज गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती के साथ शानदार वापसी की, जहां प्रमुख सूचकांकों ने निवेशकों की धारणा को मजबूत करते हुए महत्वपूर्ण स्तरों को फिर से हासिल कर लिया। बाजार में दिनभर खरीदारी का रुझान बना रहा, खासकर लार्जकैप शेयरों में, जबकि व्यापक बाजारों में मिलाजुला प्रदर्शन देखने को मिला।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 790.54 अंक या 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,991.22 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 प्रतिशत चढ़कर 24,021.65 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 24,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर फिर से हासिल किया, जिसे बैंकिंग, आईटी और रियल्टी सेक्टर में मजबूत खरीदारी का समर्थन मिला।
बाजार की इस रिकवरी के पीछे मुख्य कारणों में पश्चिम एशिया में तनाव में कमी के संकेतों के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताओं का कम होना शामिल रहा, जिससे निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला। इसके अलावा वैश्विक बाजारों से मिले मिलेजुले संकेतों और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों ने भी बाजार की दिशा को प्रभावित किया।
क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, वहीं आईटी सेक्टर ने भी हालिया दबाव के बाद वापसी की। ऑटो सेक्टर में भी स्थिर मांग के चलते तेजी बनी रही। दूसरी ओर, मेटल शेयरों में वैश्विक मांग को लेकर चिंताओं के कारण उतारचढ़ाव देखा गया, जबकि फार्मा और एफएमसीजी शेयर सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। रियल्टी सेक्टर में उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का दबाव नजर आया। बाजार की व्यापक स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही, जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स मात्र 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत मजबूत हुआ। इससे स्पष्ट हुआ कि तेजी मुख्य रूप से चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित रही।
बाजार में 140 से अधिक शेयरों ने बीएसई पर अपने 52सप्ताह के उच्च स्तर को छुआ, जिनमें केपीआर मिल, एथर इंडस्ट्रीज, कैप्लिन पॉइंट लेबोरेटरीज, वेलस्पन लिविंग, एफएसएन ईकॉमर्स वेंचर्स , अपर इंडस्ट्रीज, जेडएफ कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया, औरौरबिंदो फार्मा, ज़ाइडस लाइफसाइंसेज, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, लॉरस लैब्स और श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे।
व्यक्तिगत शेयरों में एसआईएस के शेयर 3 प्रतिशत चढ़े, क्योंकि कंपनी के बोर्ड ने 29 जून को बायबैक प्रस्ताव पर विचार करने की घोषणा की है। दूसरी ओर आईआरएफसी के शेयर 7 प्रतिशत गिर गए, क्योंकि भारत सरकार द्वारा 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री की योजना सामने आई। इंफोसिस के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक चढ़े, क्योंकि कंपनी ने नास्डैक सूचीबद्ध ग्लोबलफाउंड्रीज के साथ अपने बहुवर्षीय सहयोग के विस्तार की घोषणा की।
इसके अलावा राशी पेरिफेरल्स के शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़े, क्योंकि कंपनी ने वीडीए इंफोसोल्यूशंस में 67 प्रतिशत हिस्सेदारी अधिग्रहण के लिए समझौते किए। पाइन लैब्स के शेयरों में भी 7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जहां ब्लॉक डील्स में 41.9 लाख शेयरों का लेनदेन हुआ। विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ 94.65 पर बंद हुआ, जबकि पिछले सत्र में यह 94.73 पर था।
दिनभर के कारोबार में बाजार की दिशा मुख्य रूप से बैंकिंग और लार्जकैप शेयरों के सहारे बनी रही, जबकि चुनिंदा आईटी और वित्तीय शेयरों में शॉर्ट कवरिंग भी देखने को मिली। निवेशकों ने आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों से पहले सतर्क रुख अपनाया। समग्र रूप से यह सत्र एक चयनात्मक रिकवरी और समेकन का रहा, जिसमें बड़ी कंपनियों ने सूचकांकों को समर्थन दिया, जबकि व्यापक बाजार में सीमित भागीदारी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेश प्रवाह के बीच बाजार ने संतुलित लेकिन सकारात्मक रुख के साथ कारोबार का समापन किया।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतारचढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।



