केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप लगाने के लिए भाजपा ने गुरुवार को कांग्रेस की आलोचना की। भाजपा ने कहा कि तथाकथित आइएनडीआइए अपने कर्मों और अपने नेतृत्व की अक्षमता की वजह से खुद टूट रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप लगाने के लिए भाजपा ने गुरुवार को कांग्रेस की आलोचना की। भाजपा ने कहा कि तथाकथित आइएनडीआइए अपने कर्मों और अपने नेतृत्व की अक्षमता की वजह से खुद टूट रहा है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि गृह मंत्री ने पार्टियों को तोड़ दिया है और चालाकी से संसद में दोतिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संविधान का अपमान एवं लोकतंत्र पर धब्बा होगा।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि तथाकथित विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए दबाव, हताशा और सत्ता की लालसा से बना था। यह गठबंधन विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हताशा और जलन के कारण भी बनाया था।
उन्होंने सवाल किया, “क्या आइएनडीआइए अस्तित्व में है भी? क्या आपने लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति को लिखकर बताया है कि कौन सी पार्टियां आइएनडीआइए की सदस्य हैं और क्या उन्होंने मिलकर किसी खास व्यक्ति को अपना नेता चुना है?
अगर ऐसी कोई चीज नहीं है, तो अपनी नाकामियों को छिपाने की बेकार कोशिश न करें, किसी ऐसी चीज के टूटने के लिए दूसरों को दोष न दें जिसका असल में कोई वजूद ही नहीं है… मुझे लगता है कि कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।”
त्रिवेदी ने आरोप लगाया, “ पार्टियों में भी एक सांसद दूसरे पर भरोसा नहीं करता… जयराम रमेश कितनी भी कोशिश कर लें, वह राहुल गांधी की नाकाबिलियत और अयोग्यता को नहीं छिपा सकते।”
भाजपा के एक और प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने जयराम रमेश के आरोप को पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि दलबदल विरोधी कानून के दायरे में हुए सभी राजनीतिक बदलाव कानूनी हैं। यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।



