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शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव ने बताए थे मृत्यु के ये 12 संकेत……जान लीजिए

आप तो जानते ही होंगे कि पुरानी मान्यताओं के अनुसार हमें रात को आने वाले सपने का कोई ना कोई अर्थ जरुर होता है। कई सपने हमारे भूतकाल, वर्तमान वहीं कुछ भविष्य के तार जुडे होते है। ऐसे में शिवपुराण में कई ऐसे संकेत बताए गए है, जो कि मृत्यु से संबंधित है। तो आइए इन संकेतो के बारे में विस्तार से जानते है।

1. शिवपुराण में दर्शाया गया है कि जिस मनुष्य को ग्रहों के दर्शन होने पर भी दिशाओं का ज्ञान न हो, मन में बैचेनी छाई रहे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने में हो जाती है।

2. जिस व्यक्ति के आसपास नीली मख्यियां आकर घिर जाएं। उस मनुष्य की उम्र एक महीने शेष रह जाती है।

3. भगवान शिव ने शिवपुराण में वर्णन किया है कि जिस मनुष्य के सिर पर गिद्ध, कौवा अथवा कबूतर आकर बैठ जाए, वह एक महीने के भीतर ही मर जाता है।

4. अगर जो किसी मनुष्य के शरीर पर सफेद, लीला या फिर लाल निशान दिखाई दें तो जान लिजीए की उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाएगी। वहीं जिसके मुंह, कान, आंख औऱ जीभ ढंग से काम ना करें, उसकी 6 महीने के अंदर मृत्यु हो जाती है।

5. बता दें कि जिस मनुष्य को चंद्रमा व सूर्य के आस-पास का चमकीला घेरा काला या लाल दिखाई दे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 15 दिन के अंदर हो जाती है। अरूंधती तारा व चंद्रमा जिसे न दिखाई दे अथवा जिसे अन्य तारे भी ठीक से न दिखाई दें, ऐसे मनुष्य की मृत्यु एक महीने के भीतर हो जाती है।

6. आप को बता दें कि जिस व्यक्ति की त्रिदोष में जिसकी नाक बहने लगे, उसका जीवन पंद्रह दिन से अधिक नहीं चलता। वहीं अगर किसी व्यक्ति के मुंह और कंठ बार-बार सूखने लगे तो यह जानना चाहिए कि 6 महीने बीत-बीतते उसकी आयु समाप्त हो जाएगी।

7. किसी मनुष्य को जल, तेल, घी तथा दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दे, तो समझना चाहिए कि उसकी आयु 6 माह से अधिक नहीं है। वहीं जब कोई अपनी छाया को सिर से रहित देखे अथवा अपने को छाया से रहित पाए तो ऐसा मनुष्य एक महीने भी जीवित नहीं रहता।

8. अगर जो किसी व्यक्ति का लगातार बायां हाथ एक सप्ताह तक फडकता रहें। तो उसका जीवन एक माह रह जाता है। वहीं सारे अंगो में अंगडाई आने लगे, तो मनुष्य एक मास तक ही जीवित रहता है।

9. जो व्यक्ति अचानक सूर्य और चंद्र को राहू से ग्रस्त देखता है और संपूर्ण दिशाएं जिसे घूमती दिखाई देती हैं, उसकी मृत्यु 6 महीने के अंदर हो जाती है।

10. शिवपुराण के अनुसार जानवरों को मृत्यु का आभास सबसे पहले हो जाता है, ऐसे में पालतू जानवर मृत्यु के समीप जाने वाले व्यक्ति को देखकर रोने लगता है या उदास हो जाता है।

11. बता दें कि जो व्यक्ति हिरण के पीछे होने वाली शिकारियों की भयानक आवाज को भी जल्दी नहीं सुनता, उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाती है। वहीं जिसे आकाश में सप्तर्षि तारे न दिखाई दें, उस मनुष्य की आयु भी 6 महीने ही शेष समझनी चाहिए।

12. जिस व्यक्ति को जिस मनुष्य को ध्रुव तारा अथवा सूर्यमंडल का भी ठीक से दर्शन न हो। रात में इंद्रधनुष और दोपहर में उल्कापात होता दिखाई दे तथा गिद्ध और कौवे घेरे रहें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं होती।

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