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हम तो हो जाएंगे बर्बाद, ठिकाने आया होश तो भारत से गिड़गिड़ाने लगा मालदीव

भारत से तनाव के चलते मालदीव जाने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। इसका असर द्वीपसमूह देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए मालदीव के पर्यटन मंत्री ने सोमवार को भारतीयों से उसकी इकोनॉमी में योगदान देने की अपील की। पीटीआई की दिए इंटरव्यू में इब्राहिम फैसल ने अपने देश और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमारा इतिहास रहा है। हमारी नई सरकार भारत के साथ मिलकर काम करना चाहती है। हमने हमेशा शांति और मैत्रीपूर्ण माहौल को बढ़ावा दिया है। यहां के लोग और सरकार भी भारतीयों के आगमन का गर्मजोशी से स्वागत करेगी।’

मालदीव के नेता इब्राहिम फैसल ने कहा, ‘पर्यटन मंत्री के तौर पर मैं यह चाहता हूं कि कृपया भारतीय हमारे देश को अपने टूर का हिस्सा बनाएं। हमारी अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर करती है।’ दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 6 जनवरी को अपने एक्स हैंडल पर भारत के पश्चिमी तट पर प्राचीन लक्षद्वीप द्वीपों की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए थे। इसे लेकर मालदीव के तीन अधिकारियों ने भारत और पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद भारत की ओर से मालदीव पर तीखी प्रतिक्रिया हुई। कई मशहूर हस्तियों सहित लाखों भारतीयों ने मालदीव घूमने का अपना प्लान कैंसल कर दिया।

सैन्यकर्मियों की वापसी को लेकर भी बातचीत
दूसरी ओर, बीते शुक्रवार को भारत और मालदीव ने द्वीप राष्ट्र से भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी की प्रक्रिया को लेकर समीक्षा की। मालदीव ने कहा कि भारत 10 मई तक अपने सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर लेगा। दोनों पक्षों ने दिल्ली में द्विपक्षीय उच्च स्तरीय कोर समूह की चौथी बैठक की। भारत ने पहले ही अपने उन कुछ सैन्यकर्मियों को वापस बुला लिया है जो हिंद महासागर द्वीपसमूह में तीन विमानन प्लेटफार्मों का संचालन कर रहे थे। सैन्यकर्मियों का स्थान असैन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने ले लिया। भारतीय कर्मी मालदीव में तीन विमानन प्लेटफार्मों का संचालन कर रहे थे और भारत अब उन्हें संचालित करने के लिए असैन्य कर्मियों को तैनात कर रहा है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने देश से भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी के लिए 10 मई की समय सीमा तय की थी।

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